देश भर में हरित दिवाली अभियान चलाया जा रहा है। जिसका विषय “पटाखे को न कहे और साफ हवा को हां” है। WWF- इंडिया EIACP- प्रोग्राम सेंटर से मिले लेटर मिलने के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सभी एफ़िलेटेड स्कूलों को इस कैंपेन का हिस्सा बनने को अनुरोध किया गया है। इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया है। इस अभियान की शुरुआत 20 अक्टूबर से ही हो चुकी है। जिसे सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में 8 नवंबर तक चलाया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को मिशन लाइफ के साथ पटाखों से बचकर, वायु प्रदूषण कम करके और पर्यावरण के लिए जिम्मेदार तरीकों को अपनाकर स्वच्छ, शुभ और ग्रीन दिवाली मनाने के लिए बढ़ावा देना है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत आने वाले 130 नॉन अटेनमेंट शहरों में मौजूद स्कूलों को पर खास जोर दिया गया है।
ये भी पढ़ें
इस अभियान में पारंपरिक मिट्टी के दीयों, पर्यावरण के अनुकूल मोमबत्तियां का इस्तेमाल करने, ज्यादा ऊर्जा की खपत से बचने, पर्यावरण के अनुकूल उपहार चुनने, प्राकृतिक चीजों से सजावट करने और कम से कम कचरा करने पर जोर दिया गया है।
स्कूलों को CBSE ने दिए ये निर्देश
स्कूलों को कुछ गतिविधियों को का आयोजन करने की सलाह दी है। कैंपेन से जुड़े पोस्टर और मैटेरियल को स्कूल वेबसाइट, न्यूज लेटर और डिजिटल नोटिस के जरिए शेयर करने को कहा गया है। इसके अलावा गतिविधियों की रिपोर्टिंग ऑफिशियल गूगल फॉर्म के जरिए करने का निर्देश भी दिया गया है। जिसकी लिंक नोटिफिकेशन में दी गई है। इसमें स्कूलों को संस्थान/स्कूल का नाम, शहर, जिला, राज्य, गतिविधि का प्रकार, तारीख, प्रतिभागियों की संख्या और जियो टैग्ड फोटोग्राफ के साथ शॉर्ट डिस्क्रिप्शन या रिपोर्ट शामिल करना होगा।
इन गतिविधियों का होगा आयोजन
स्कूल ग्रीन दिवाली शपथ के साथ असेंबली के दौरान पटाखा मुक्त शपथ समारोह का आयोजन कर सकते हैं। इसके अलावा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह भी दी गई है। छात्र और स्टाफ को एनवायरमेंटल डिफेंस इनीशिएटिव में शामिल करने को कहा गया है। स्कूलों को कार्बन फुटप्रिंट सर्वेक्षण पर WWF- इंडिया EIACP- सर्वेक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने को भी सीबीएसई ने कहा है।
