Hindi News

GATE 2022:- कोरोना के कारण GATE परीक्षा को स्थगित करने की याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट राजी

Published:
GATE 2022:-  कोरोना के कारण GATE परीक्षा को स्थगित करने की याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट राजी

नई दिल्ली , डेस्क रिपोर्ट ।  2 फरवरी , बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के  कोरोना की तीसरी लहर को  मद्देनजर रखते हुए इंजीनियरिंग परीक्षा ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट (GATE 2022) को स्थगित करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार है । भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस एएस बोपन्ना और हेमा कोहली की एक बेंच मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेगी ।  बता दें की याचिकाकर्ताओं की ओर से मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की गई है । इस मामले में दो याचिकाएं दर्ज की गई हैं – एक गेट 2022 परीक्षा के लिए उपस्थित होने वाले  उम्मीदवारों द्वारा – और दूसरी उमेश ढांडे की ओर से एक जनहित याचिका ।

यह भी पढ़े … MPPSC : उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर, परीक्षा को लेकर संशोधित विज्ञप्ति जारी, जाने नवीन डिटेल्स

दाखिल याचिका के अनुसार देश मे फिलहाल ‘तीसरी लहर’ लहर का खतरा है । और इसी बीच याचिकाकर्ताओं को गेट परीक्षा के  लिए मजबूर किया जा रहा है। जिससे उम्मीदवारों के स्वास्थ्य पर जोखिम पैदा हो सकता है। सूत्रों की माने तो GATE 2022 का आयोजन 5, 6, 12 और 13 फरवरी को हो सकता है ।

इस बार 200 परीक्षा केंद्रों पर 9 लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, याचिका के मुताबिक अब तक दिशानिर्देश भी जारी नहीं किए गए थे या परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की स्वास्थ्य स्थितियों का आकलन करने के लिए प्रक्रियाएं  भी  निर्धारित नहीं की गई थीं। यदि छात्र परीक्षा में बैठने के लिए मजबूर कीये जाते हैं तो , संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होगा । याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि कई राज्यों ने पहले ही जनवरी और फरवरी 2022 में होने वाली अपनी कुछ परीक्षाओं को देश में तीसरी लहर के देखते हुए  स्थगित कर दिया है।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews