MP Scholarship Schemes: बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने पर मिलेगी स्कॉलरशिप, उठायें इन 3 योजनाओं का लाभ

mp student

MP Scholarship Schemes: केन्द्रीय और राज्य सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाती है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भी छात्रों के हित के लिए कई योजनाएं चलाई जाती हैं। जिसके तहत मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। यदि आप भी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं, तो यह खबर आपके काम आ सकती है। हम आपको एमपी शासन की उन योजनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके तहत छात्रों को स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है।

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना

यह प्रदेश सरकार की बेस्ट योजनाओं में से एक् है। योजना के तहत 12वीं पास छात्रों को छात्रवृति मिलती है। इसके लिए एमपी बोर्ड में 70 प्रतिशत और सीबीएसई/आईसीएसई बोर्ड में 85 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होता है। इस स्कीम के तहत बैच्लर डिग्री में एनरॉल करवाना अनिवार्य होता है। 60000 रुपये सालाना राशि प्रदान करवाई जाती है।

विक्रमादित्य योजना

यह भी मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध योजनाओं में से एक है। इस स्कीम के तहत एमपी के वंचित जनरल कैटेगरी के छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके लिए 12वीं पास करना अनिवार्य होता है। साथ ही परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक लाना होगा। छात्र को सलाना 2500 रुपये की राशि मिलती है।

प्रतिभा किरण स्कीम

मध्यप्रदेश सरकार छात्राओं के लिए यह खास योजना चलाती है । जिसके तहत शहरी क्षेत्र की बीपीएल केटेगरी की छात्राओं को 12वीं की परीक्षा में अच्छे अंक लाने पर छात्रवृति मिलती है। इसके लिए परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होता है। चुनिंदा छात्राओं को हर साल 5000 रुपये की राशि मिलती है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews