Hindi News

NEET-PG 2025 काउंसलिंग: कट-ऑफ 0 पर्सेंटाइल तक गिरा, SC-ST-OBC उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत

Written by:Ankita Chourdia
Published:
केंद्र सरकार ने NEET-PG 2025 काउंसलिंग के तीसरे राउंड के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ में भारी कटौती की है। इस फैसले से SC, ST और OBC वर्ग के 0 पर्सेंटाइल वाले उम्मीदवार भी पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल सीटों के लिए पात्र होंगे, ताकि खाली सीटों को भरा जा सके।
NEET-PG 2025 काउंसलिंग: कट-ऑफ 0 पर्सेंटाइल तक गिरा, SC-ST-OBC उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत

मेडिकल में पोस्ट-ग्रेजुएशन की पढ़ाई का सपना देख रहे हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने NEET-PG 2025 काउंसलिंग के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ में अभूतपूर्व कटौती कर दी है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज़ (NBEMS) ने स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर यह फैसला लिया, जिससे अब बेहद कम अंक पाने वाले छात्र भी काउंसलिंग के तीसरे राउंड में शामिल हो सकेंगे।

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल की खाली पड़ी सीटों को भरा जा सके। NBEMS ने 13 जनवरी 2026 को जारी एक आधिकारिक नोटिस में स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल काउंसलिंग की पात्रता के लिए है और इससे उम्मीदवारों की मूल रैंक पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

किस कैटेगरी में कितनी गिरावट?

जारी नोटिस के अनुसार, कट-ऑफ में सभी श्रेणियों के लिए बड़ी राहत दी गई है। सबसे बड़ा बदलाव SC, ST और OBC वर्ग के लिए किया गया है, जहाँ क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल को 40 से घटाकर शून्य कर दिया गया है।

किस कैटेगरी में कितनी गिरावट?

जनरल / EWS वर्ग: पहले क्वालिफाइंग कट-ऑफ 50वां पर्सेंटाइल (276 अंक) था, जिसे अब घटाकर 7वां पर्सेंटाइल (103 अंक) कर दिया गया है।

जनरल PwBD उम्मीदवार: इस श्रेणी के लिए कट-ऑफ 45वें पर्सेंटाइल (255 अंक) से घटाकर 5वां पर्सेंटाइल (90 अंक) कर दिया गया है।

SC / ST / OBC (PwBD सहित): इन आरक्षित श्रेणियों के लिए कट-ऑफ 40वें पर्सेंटाइल (235 अंक) से सीधे 0 पर्सेंटाइल (–40 अंक) तक ला दिया गया है। इसका मतलब है कि इस वर्ग के लगभग सभी उम्मीदवार काउंसलिंग के लिए पात्र होंगे।

रैंक नहीं बदलेगी, सिर्फ बढ़ेगी पात्रता

NBEMS ने साफ किया है कि 19 अगस्त 2025 को जारी हुई NEET-PG 2025 की मेरिट लिस्ट में कोई बदलाव नहीं होगा। यह फैसला केवल तीसरे दौर की काउंसलिंग में अधिक उम्मीदवारों को मौका देने के लिए है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में मेडिकल की कोई भी PG सीट खाली न रह जाए।

बोर्ड के अनुसार, काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों के सभी जरूरी दस्तावेज़ों, MBBS/FMGE के अंकों और बायोमेट्रिक पहचान का सख्ती से सत्यापन किया जाएगा। किसी भी स्तर पर जानकारी गलत पाए जाने पर उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।

उम्मीदवार इन बातों का ध्यान रखें

अधिकारियों ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल Medical Counselling Committee (MCC) की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें। यह पात्रता अस्थायी है और अंतिम एडमिशन दस्तावेज़ सत्यापन के बाद ही मान्य होगा।