नीट यूजी को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। री-एग्जाम को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सोमवार को दोनों पक्षों के बीच हुई बहस के बाद फैसला सुना दिया है। अब 75 छात्रों के लिए मेडिकल प्रवेश परीक्षा दोबारा आयोजित नहीं की जाएगी। युगलपीठ ने एकलपीठ के फैसले को खारिज कर दिया है। 36 पेज के फैसले में स्टूडेंट्स को कोई राहत नहीं दी गई है।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 14 जुलाई को मध्य प्रदेश के विदहेल्ड अभ्यर्थियों के लिए रिजल्ट जारी कर दिया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड की जरूरत पड़ेगी।
समस्या होने पर क्या करें उम्मीदवार? (NEET UG 2025)
परिणाम से संबंधित किसी भी जानकारी या समस्या के लिए उम्मीदवार एनटीए द्वारा गठित हेल्पडेस्क का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके लिए 001140759000 या 01169227700 पर कॉल कर सकते हैं या neetug2025@nta.ac.in पर ईमेल भी भेज सकते हैं। 21 जुलाई से काउन्सलिंग राउन्ड-1 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू होगा। एमसीसी के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पात्र उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
क्या है मामला?
नीट यूजी परीक्षा का आयोजन देशभर के विभिन्न शहरों में 4 मई को हुआ था। इंदौर में 49 केंद्र बनाए गए थे। जहां बारिश के कारण बिजली गुल हो गई। कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण छात्रों को मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देनी पड़ी। करीब 75 उम्मीदवार प्रभावित हुए। इस मामले में 30 जून को एकलपीठ ने 3 जून से पहले याचिका दायर करने वाले उम्मीदवारों के लिए री-एग्जाम आयोजित करने का फैसला सुनाया था। एनडीए ने इसपर चुनौती दी। साथ ही दोबारा ऐसी परिस्हाथिति न होने का दावा किया। कोर्ट ने अपीलों को स्वीकार करते हुए बोनस स्कोर और री-एग्जाम की मांग खारिज कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे उम्मीदवार
अभ्यर्थियों की ओर पैरवी कर रहे एडवोकेट आदित्य संघि, नितिन सिंह भाटी, विवेक शरण, चिन्मय मेहता और मृदुल भटनागर ने कहा कि कोर्ट ने उम्मीदवारों को कोई राहत नहीं दी है। याचिकाएं रद्द कर दी गयी है। इसलिए वे इस फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
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