नीट यूजी काउंसलिंग (NEET UG Counselling 2026) जल्द ही शुरू होने वाली है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इससे संबंधित नोटिस जारी किया है। नियमों में 3 बड़े सुधार किए गए हैं, जो यूजी और पीजी एडमिशन के लिए अकादेमिक सेशन 2026-27 से लागू होंगे। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और प्रोसेस को स्टूडेंट फ़्रेंडली बनाने के लिए उठाया गया है।
इन बदलावों को लागू करने के लिए MCC मेडिकल संस्थानों समेत अन्य हितधारकों के लिए ओरिएंटेशन और कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम भी आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य DME के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया था। मेडिकल संस्थानों के लिए ट्रेनिंग सेशन 27 जुलाई को आयोजित किया है आने वाले दिनों में प्रोग्राम भी हो सकते हैं। सभी अधिकारियों और मेडिकल कॉलेजों से नॉमिनेटेड नोडल अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश मंत्रालय द्वारा दिए गए हैं।
सीट अपग्रेडेशन से जुड़े नए नियम
नए नियमों के तहत अब अपग्रेडेशन ऑप्शन चुनने वाले छात्रों के लिए कोई फिजिकल रिपोर्टिंग अब अनिवार्य नहीं होगी। मतलब यदि अब काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान किसी छात्र सीट अलॉट होता है और वह अपग्रेडेशन का विकल्प चुनता है। तो ऐसी स्थिति में केवल एडमिशन की फॉर्मेलिटी पूरी करने के लिए ही आवंटित कॉलेज में फिजिकल तौर पर रिपोर्ट करना होगा। उनका एडमिशन अगले राउंड में भाग लेते समय भी सिस्टम में वैध रहेगा।
ऑनलाइन सीट छोड़ने की सुविधा शुरू
नोटिस के तहत अब ऑनलाइन सीट छोड़ने ऑनलाइन सीट छोड़ने की सुविधा भी शुरू की गई है। काउंसलिंग पोर्टल के जरिए छात्र अपनी अलॉटेड सीट से इस्तीफा दे सकते हैं, जहां भी काउंसलिंग नियमों के तहत इजाजत है। अब निर्धारित समय के भीतर आवंटित संस्थान में जाकर इस्तीफा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
NRI उम्मीदवारों के लिए भी नियम बदले
जो कैंडिडेट डीम्ड यूनिवर्सिटी में NRI रिजर्वेशन लेना चाहते हैं, वे एमसीसी के काउंसलिंग पोर्टल पर अपने दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। मतलब अब एनआरआई डॉक्यूमेंट सबमिशन के लिए अलग से ईमेल नहीं भेजा जाएगा।
1.3 लाख से अधिक MBBS सीटों पर मिलेगा एडमिशन
एमसीसी, DGHS नीट यूजी में सिर्फ 15% ऑल इंडिया कोटा और 100% डीम्ड और सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए काउंसलिंग आयोजित करेगा। शैक्षणिक क्षेत्र 2026- 27 के लिए देशभर के विभिन्न मेडिकल संस्थानों में कुल1,36,939 एमबीबीएस सीटों पर छात्रों को दाखिला मिलेगा। जिसमें से प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों सीटों की संख्या 73,646 है। वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेज में 63,296 सीट खाली हैं। इस बार 9911 एमबीबीएस सीटों को बढ़ाया गया है।







