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कड़ी सुरक्षा में होगी NEET UG पुनर्परीक्षा, IAF देगा लॉजिस्टिक सपोर्ट, 21 जून तक लॉकडाउन में रहेंगे पेपर सेटर

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नीट यूजी री-एग्जाम 21 जून को देशभर के विभिन्न शहरों में होने वाला है। तैयारियों में केंद्र सरकार जुटी हुई है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय भी अपनाए गए हैं। 

नीट यूजी पुनर्परीक्षा (NEET UG 2026) का आयोजन 21 जून को देशभर के 551 शहरों में होने वाला है। परीक्षा सिंगल शिफ्ट और पेन एंड पेपर मोड में दोपहर 2:00 बजे से लेकर शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। 7 जून को शहर सूचना पर्ची भी जारी कर दी गई है। जिसे उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट https://neet.nta.nic.in/ पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए लॉग इन क्रेडेंशियल जैसे की एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड की जरूरत पड़ेगी। एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए आयोजित किया जाएगा।

3 मई को को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा को 12 मई को एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने रद्द कर दिया था। प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है। जिसमें कई बदलाव किए गए हैं। सुरक्षा के लिए कई नए उपाय भी अपनाए जा रहे हैं।

नकली प्रश्न पत्र, पेपर लीक  और अन्य भ्रामक और फर्जी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ खास अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे चैनलों और अकाउंट की पहचान कर साइबर अपराध प्राधिकरण के तहत तत्काल हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट एजेंसी रिपोर्ट भी कर रही है। कड़ी निगरानी भी की जा रही है।

भारतीय वायुसेना पहुंचाएगी प्रश्न पत्र 

पहली बार इंडियन एयर फोर्स (IAF) नीट यूजी परीक्षा के प्रश्न पत्रों को देशभर के 11 निर्धारित स्थानों पर पहुंचाने वाला है। यहाँ से प्रश पत्रों का वितरण होगा।  यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आयोजन करने के लिए उठाया गया है। इस बात की जानकारी एनटीए डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने दी है। इसके लिए Mi-17 हेलीकॉप्टर और अन्य हवाई साधनों को इसके लिए तैनात किया जाएगा। इस बात की चर्चा पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी की थी।

पेपर सेटर लॉकडाउन में रहेंगे 

21 जून तक नीट यूजी प्रश्न पत्र सेट करने वाले शिक्षक, मॉडरेटर और ट्रांसलेटर को लॉक डाउन में रखा जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें एक सुरक्षित और गुप्त जगह पर ले जाया गया है। पेपर लीक की संभावनाओं को खत्म करने के लिए इन स्थानों पर मोबाइल फोन, लैपटॉप, इंटरनेट सेवाओं, बाहरी बातचीत के सभी साधनों के इस्तेमाल पर कड़ी पाबंदी भी लगाई गई है। इसके अलावा प्रश्न पत्र की को तैयार करने, इसे स्टोर करने और ट्रांसपोर्ट और वितरण तक के अलग-अलग चरणों के लिए सुरक्षा सख्त की गई है। सुरक्षा एजेंसियों को अभियान के दौरान निगरानी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Manisha Kumari Pandey
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