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NTA का बड़ा कदम, नीट यूजी समेत अन्य परीक्षाओं से जुड़े कर्मियों के लिए खास ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू

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एनटीए ने परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए "परीक्षा कर्मयोगी" प्रोग्राम शुरू किया है। कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें 4 मॉड्यूल शामिल होंगे।

नीट यूजी, सीयूईटी और अन्य परीक्षाओं से संबंधित विवादों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बड़ा कदम उठाया है। “परीक्षा कर्मयोगी” नाम का एक क्षमता निर्माण कार्यक्रम (NTA Pariksha Karmayogi Programme) शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के जरिए एनटीए परीक्षाओं के जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रोग्राम iGOT भारत कर्मयोगी प्लेटफार्म पर संचालित होगा। इसका उद्देश्य परीक्षाओं की निगरानी और निरीक्षक को बेहतर बनाना है।

इस कार्यक्रम को परीक्षा से जुड़े अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने और ऑफलाइन पेन पेपर मोड आधारित परीक्षाओं को सुचारू, सुरक्षित और मानक तरीके सर संयोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस कार्यक्रम में उन अधिकारियों और कर्मचारियों खासकर सेंटर सुपरिंटेंडेंट और इनविजीलेटर को ट्रेनिंग दी जाएगी, जॉ नीट यूजी समेत एनटीए की परीक्षाओं की आयोजन में शामिल होंगे।

राष्ट्रीय स्तर परीक्षाओं के लिए एक जैसा मानक स्थापित होगा- NTA

यह कार्यक्रम देशभर के सभी परीक्षा कर्मियों के लिए मानक, अपनी गति से सीखने और मूल्यांकन आधारित सर्टिफिकेशन की सुविधा देता है। इस पहल का मकसद परीक्षा केंद्र पर प्रक्रियाओं का पालन, काम करने की क्षमता और जवाबदेही को बेहतर बनाना है। एनटीए ने कहा, “बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय परीक्षाओं के सुचारू और निष्पक्ष आयोजन के लिए अच्छी तरीके से प्रशिक्षित परीक्षा कमी बहुत जरूरी होते हैं। देश भर में परीक्षा के संचालन के एक जैसे मानक स्थापित करके यह कार्यक्रम अपनी परीक्षाओं की आयोजन में उद्देश्य उत्कृष्ट और ईमानदारी के प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

कार्यक्रम में 4 मॉड्यूल शामिल

इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में 4 मॉड्यूल शामिल किए गए। पहले मॉड्यूल में कोर्स और निष्पक्षता ,पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने में परीक्षा अधिकारियों की भूमिका के बारे में बताया गया है। दूसरे मॉड्यूल में परीक्षा से पहले की तैयारी की बात बारे में बताया गया है। जिसमें परीक्षा केंद्रों की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर इत्यादि का पालन शामिल है।

तीसरे मॉड्यूल में परीक्षा के दिन होने वाले कामों के बारे में बताया गया है। इसमें परीक्षा से पहले, परीक्षा शुरू होने पर और परीक्षा के दौरान के साथ परीक्षा के बाद के कार्यों के बारे में बताया गया है। चौथे मॉड्यूल एक क्विक रेफरेंस गाइड देता है, जिसमें दिशानिर्देशों और जिम्मेदारियां की चर्चा की गई है।

Manisha Kumari Pandey
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