Hindi News

पश्चिम बंगाल: TMC सांसद कल्याण बनर्जी के बदले तेवर, अभिषेक पर हमला छोड़ दिखाया अपनापन, बोले- वह मेरे बेटे समान हैं

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी को घमंडी कहने वाले कल्याण बनर्जी के तेवर बदले से नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभिषेक मेरे बेटे जैसा है। एक पिता का कर्तव्य होता है कि वह अपने बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे।

पश्चिम बंगाल ​में हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी पर संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं। टीएमसी में टूट के बीच हालही के दिनों मे ममता बनर्जी के भरोसेमंद सांसद कल्याण बनर्जी ने भी अपना बगावती रूप दिखा दिया था। उन्होंने तो सीधे ममता का अल्टीमेटम दे दिया था। उन्होंने स्पष्ट कह दिया था कि अभिषेक या मुझे, किसी एक को चुनना होगा। लेकिन अब कल्याण बनर्जी के तेवर एकदम से बदल गए हैं। उनका स्वाभाव नरम दिखाई देने लगा है। अब तो उन्होंने अभिषेक बनर्जी को अपने बेटे के समान बता दिया है।

अभिषेक बनर्जी को पहले “घमंडी” कहकर निशाना बनाने वाले तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी के सुर अब बदले हुए नजर आ रहे हैं। अपने ताजा बयान में उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी उनके बेटे के समान हैं और एक पिता के तौर पर उनका कर्तव्य है कि वह बेटे की गलतियों को माफ कर दें। कल्याण बनर्जी ने कहा, अभिषेक मेरे बेटे जैसा है। एक पिता का कर्तव्य होता है कि वह अपने बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे।

उन्होंने आगे कहा, देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं रही, जहां विपक्ष का पूरी तरह सफाया हो गया हो। मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना से काम कर रहे हैं और यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। कल्याण बनर्जी के इस बयान को अभिषेक बनर्जी के प्रति उनके बदले हुए रुख के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे पहले वह उनके खिलाफ तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं।

अभिषेक बनर्जी पर क्यों भड़के थे कल्याण बनर्जी?

दरअसल, फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पैरवी से हटा दिया था। इससे कल्याण बनर्जी बुरी तरह से नाराज हो गए थे और इसे अपमान और अनादर बताया था। इसके बाद गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने अभिषेक को घमंडी बता दिया था। उन्होंने साफतौर से कह दिया था कि अब वे किसी भी कीमत पर अभिषेक बनर्जी का केस नहीं लड़ेंगे, वह मेरा अपमान कैसे कर सकते हैं? राजनीति में भी मैं उनसे वरिष्ठ हूं। वह ऐसा नहीं कर सकते।

इसके अलावा कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम तक दे दिया था। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा था कि दीदी यानि ममता बनर्जी या तो अभिषेक को चुन लें, या फिर मेरे जैसे वफादारों को। उन्होंने ने कहा है कि दी, अभिषेक बनर्जी को हटाएं, नहीं तो हम पार्टी में नहीं रह सकते।

तृणमूल कांग्रेस में टूट का संकट

इस समय तृणमूल कांग्रेस पर बड़ा राजनीतिक संकट मंडरा रहा है। इस तरह जहां सांसद और विधायकों के बागी तेवर देखने को मिल रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर पूर्व सीएम और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी पर कानून का चाबुक चलने लगा है। ममता के खिलाफ जहां शुक्रवार को कोलकाता में एफआईआर दर्ज की गई है तो वहीं शनिवार को दो थानों की पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के घर की तलाशी ली। इसके अलावा उन पर फर्जी हस्ताक्षर केस की उलझन में भी फंसे हुए हैं।

इस समय देखा जाए तो टीएमसी के करीब 64 विधायकों और 20 लोकसभा सांसदों के साथ छोड़ने के बाद अब एक एक कर राज्यसभा सांसद भी साथ छोड़ रहे हैं। अभी तक पार्टी के 4 राज्यसभा सांसदों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि अभी बगावती सांसदों की ​सूची सार्वजनिक नहीं हुई है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
Follow Us :GoogleNews