चोरी के आरोपी को रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोप, चक्काजाम कर रहे ग्रामीणों पर फूटा SDOP का गुस्सा, की धक्कामुक्की और अभद्रता

पुलिस अधिकारी द्वारा ग्रामीणों के साथ की गई इस अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली और घूसखोरी के आरोपों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
Chhatarpur Police behave rudely during villagers road blockade

Chhatarpur Police behave rudely during villagers road blockade

छतरपुर जिले के एनएच-934 पर आज ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया, करीब डेढ़ घंटे तक ग्रामीण सड़क पर डटे रहे और एक भी वाहन को नहीं निकलने दिया गया उनका आरोप था कि पुलिस ने रिश्वत लेकर चोरी के आरोपी को छोड़ दिया है, ग्रामीणों को समझाइश देने गए एसडीओपी उल्टा ग्रामीणों से ही भिड़ गए उनके साथ धक्का मुक्की करने लगे अभद्रता करने लगे।

जानकारी के अनुसार बदमाशों ने छतरपुर जिले के गुलगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत घिनौची गांव में दिनदहाड़े हुई चोरी हो गई, शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया लेकिन फिर उसे छोड़ भी दिया , ग्रामीणों को जब ये खबर लगी तो वे उत्तेजित हो गए, ग्रामीणों ने पुलिस पर रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने के आरोप लगाये।

तेज धूप में इन्साफ के लिए नेशनल हाइवे पर ग्रामीणों का प्रदर्शन 

नाराज ग्रामीण एनएच-934 पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने वहां चक्का जाम कर दिया, तेज धूप में ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और इन्साफ की मांग करने लगे, चक्काजाम के चलते वाहनों की लम्बी लाइन लग गई, पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे।

SDOP ने दिखाया रौब, चक्काजाम कर रहे ग्रामीणों से की धक्का मुक्की 

करीब डेढ़ घंटे तक चक्का जाम चलता रहा इसी दौरान बड़ा मलहरा SDOP रोहित अलावा वहां पहुंचे उन्होंने ग्रामीणों से तल्ख़ अंदाज में बात की और सड़क से हटने की चेतावनी दी ग्रामीण जब हटने को तैयार नहीं हुए तो उन्होंने बात कर रहे ग्रामीणों पर पुलिसिया रौब दिखाना शुरू कर दिया और धक्का मुक्की कर ग्रामीणों को सड़क से हटाने लगे, साहब को धक्के देता देख पुलिस के अन्य कर्मचारी भी ग्रामीणों से अभद्रता करने लगे, पुलिस के इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसकी लोग निंदा कर रहे हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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