बागेश्वर धाम में 300 कन्याओं का होगा विवाह, 8 देश के राजदूत और 12 देशों के NRI देंगे आशीर्वाद, धीरेंद्र शास्त्री ने बुंदेली में दिया निमंत्रण

धीरेंद्र शास्त्री ने बताया विवाह योग्य कन्याओं को एक सर्वे के माध्यम से चुना गया है , करीब 40 लोगों की टीम ने 30 हजार किलोमीटर की यात्रा कर इनका चयन किया है।
Dhirendra Shastri

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मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्थित विश्वप्रसिद्द बागेश्वर धाम में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन इस बार हर बार से अलग होने जा रहा है, पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन 13 फरवरी से 15 फरवरी तक होगा, उन्होंने आयोजन में शामिल होने के लिए बुंदेली में आमंत्रण दिया है।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस बार का कन्या विवाह भव्य और दिव्य होगा, पहली बार तीन दिवसीय आयोजन हो रहा है इसमें  13 फरवरी को हल्दी और मंडप की रस्में होंगी, 14 फरवरी  को संगीत और मेहँदी होगी  और 15 फरवरी को 300 कन्याओं का पाणिग्रहण संस्कार होगा यानि शादियाँ होंगी , उन्होंने बताया इस बार नेपाल की बेटी की भी शादी होगी इसलिए ये अंतरराष्ट्रीय आयोजन भी है।

धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कन्याओं को शादी में घर गृहस्थी का पूरा सामान दिया जायेगा इसके अलावा प्रत्येक कन्या को 30,000 रुपये की एफडी भी दी जाएगी, जिससे वो संकट के समय इसका अपने लिए उपयोग कर सकें, उन्होंने बताया कि समारोह में 8 देश के राजदूत और 12 देशों के NRI भी आएंगे जो बेटियों को आशीर्वाद देंगे , पाणिग्रहण वाले दिन जगद्गुरु रामभद्राचार्य के भी आने का कार्यक्रम हैं वे भी वर वधु को आशीर्वाद देंगे।

आयोजन का खर्चा दान से मिले पैसों से 

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा ये पूरा आयोजन बागेश्वर धाम की दान पेटियों में आये दान और हमें जो कथाओं से मिलता है उस पैसे से किया जा रहा है उन्होंने सम्पन्न लोगों से अपील की कि वे भी अपने धन से उन हिंदू कन्याओं की मदद करें शादी कराएं जिनके माता पिता नहीं हैं या वे निर्धन है। उन्होंने कहा कि गरीब कन्या को भी अमीरों की तरह शादी करने का अधिकार है इसलिए हम उनके लिए ये भव्य आयोजन कर रहे हैं।

ऐसे हुआ कन्याओं के चयन, बुंदेली में दिया आमंत्रण  

धीरेंद्र शास्त्री ने बताया विवाह योग्य कन्याओं को एक सर्वे के माध्यम से चुना गया है , करीब 40 लोगों की टीम ने 30 हजार किलोमीटर की यात्रा कर इनका चयन किया है।  इसमें 12 राज्यों से 300 बेटियों को छांटा गया इसमें ऐसी कन्या हैं जिनके माता पिता नहीं हैं कुछ के पिता नहीं हैं कुछ की माता नहीं हैं कुछ दिव्यांग हैं कुछ निर्धन हैं सभी एक ही छत के नीचे विवाह सूत्र में बंधेगी, धीरेन्द्र शास्त्री ने विवाह समारोह में शामिल होने के लिए बुंदेली में लोगों को आमंत्रित किया है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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