छतरपुर: बान सुजारा बांध के 8 गेट खुले, धसान नदी का बढ़ेगा जलस्तर; नदी किनारे गांवों में अलर्ट

धसान नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को प्रशासन की ओर से अलर्ट किया गया है।
Chhatarpur Ban Sujara Dam 8 gates opened

Chhatarpur Ban Sujara Dam 8 gates opened

बुंदेलखंड अंचल में लगातार हो रही बारिश के बीच छतरपुर-टीकमगढ़ जिले की सीमा पर स्थित बान सुजारा बांध में जलस्तर बढ़ने के बाद बांध से पानी की निकासी शुरू कर दी गई है। बांध के पहले से खुले 2 गेटों के अलावा शुक्रवार रात 8 बजे 6 और गेट खोलने के निर्देश दिए गए। इस तरह कुल 8 गेटों से धसान नदी में पानी छोड़ा जा रहा है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, बांध की सुरक्षा और निर्धारित जलस्तर को बनाए रखने के लिए प्रत्येक गेट को 0.75-0.75 मीटर तक खोला गया है। इससे करीब 792 घन मीटर प्रति सेकेंड पानी धसान नदी में छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। विभाग के अनुमान के मुताबिक बांध के नीचे धसान नदी में जलस्तर करीब 7 से 9 फीट तक बढ़ सकता है।

बांध की सुरक्षा को देखते हुए खोले गए 8 गेट 

बान सुजारा परियोजना के एसडीओ रामसेवक शेजवार ने बताया कि बांध के ऊपरी हिस्से में धसान नदी से पानी की आवक लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते जलाशय का स्तर निर्धारित सीमा से ऊपर जा रहा था। बांध की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।

प्रशासन ने जारी किया अलर्ट 

विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि ऊपरी क्षेत्र में बारिश जारी रहती है और पानी की आवक बढ़ती है तो बांध से और अधिक गेट भी खोले जा सकते हैं। धसान नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को प्रशासन की ओर से अलर्ट किया गया है।

प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे धसान नदी और बांध के निचले हिस्से में जाने से बचें तथा नदी क्षेत्र से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। स्थानीय अमले को भी जलस्तर पर लगातार नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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