छतरपुर जिले के ग्रामीण इलाके से ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में एक शिक्षक मोबाइल नेटवर्क तलाशने के लिए स्कूल की छत पर खड़े नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि शिक्षक को ई-अटेंडेंस दर्ज करने के लिए बेहतर नेटवर्क की जरूरत थी, लेकिन स्कूल परिसर में मोबाइल सिग्नल नहीं मिलने के कारण उन्हें छत पर जाना पड़ा।
छतरपुर में ई-अटेंडेंस के लिए छत पर चढ़े शिक्षक
छतरपुर के ग्रामीण इलाके में सामने आया वायरल वीडियो ई-अटेंडेंस व्यवस्था की जमीनी परेशानी को दिखाता है। वीडियो में शिक्षक स्कूल की छत पर खड़े होकर मोबाइल फोन में नेटवर्क तलाशते दिखाई दे रहे हैं। उनका उद्देश्य किसी मनोरंजन या निजी काम के लिए छत पर जाना नहीं था, बल्कि ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करना बताया जा रहा है।
ग्रामीण स्कूलों में मोबाइल नेटवर्क हर जगह एक जैसा नहीं मिलता। कई इलाकों में कभी सिग्नल कमजोर रहता है तो कभी इंटरनेट की स्पीड इतनी कम होती है कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में काफी समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में शिक्षक को स्कूल के अंदर से बाहर, खुले स्थान या ऊंची जगह पर जाकर नेटवर्क तलाशना पड़ सकता है।
मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी सबसे बड़ी परेशानी
ई-अटेंडेंस का उद्देश्य शिक्षकों की उपस्थिति को ऑनलाइन दर्ज करना और पूरी प्रक्रिया को आसान व पारदर्शी बनाना है। लेकिन ऑनलाइन व्यवस्था तभी ठीक तरह से काम कर सकती है, जब संबंधित जगह पर मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हो।
शहरी क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क आमतौर पर आसानी से मिल जाता है। लेकिन ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्थिति अलग हो सकती है। कई स्कूल ऐसे क्षेत्रों में हैं जहां नेटवर्क कमजोर रहता है। कुछ जगहों पर मोबाइल फोन को एक खास स्थान पर रखने या खुले इलाके में जाने पर ही सिग्नल मिलता है।
समय पर हाजिरी नहीं लगी तो वेतन कटने की चिंता
शिक्षकों की सबसे बड़ी चिंता केवल नेटवर्क नहीं, बल्कि उसके कारण होने वाला संभावित नुकसान है। शिक्षकों के अनुसार अगर नेटवर्क की वजह से समय पर ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो पाती है तो वेतन कटने जैसी परेशानी सामने आ सकती है।
किसी शिक्षक के लिए कुछ मिनट की नेटवर्क समस्या और उसकी हाजिरी के रिकॉर्ड में अंतर काफी गंभीर हो सकता है। अगर शिक्षक समय पर स्कूल पहुंच चुका है, लेकिन मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने के कारण ऑनलाइन सिस्टम में उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहा, तो ऐसी स्थिति में उसकी वास्तविक मौजूदगी और डिजिटल रिकॉर्ड अलग हो सकते हैं।






