मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा सिविल अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं आरोप है कि अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण एक शव को नगर परिषद के कचरा वाहन में ले जाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
दरअसल स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक घटना सामने आने के बाद पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसके बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी मांगी है। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है और अधिकारियों द्वारा तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
कचरा वाहन से भेजा गया शव
जानकारी के अनुसार मामला बड़ा मलहरा सिविल अस्पताल का है। आरोप है कि अस्पताल में शव को ले जाने के लिए कोई शव वाहन उपलब्ध नहीं था। ऐसी स्थिति में नगर परिषद से कचरा ढोने वाला वाहन मंगाया गया और उसी वाहन से शव को भेजा गया। इस दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। कई लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसी जगह पर शव वाहन की उपलब्धता जरूरी है, ताकि ऐसी स्थिति पैदा न हो। हालांकि इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद सीएमएचओ ने मांगा जवाब
वहीं वीडियो सामने आने के बाद छतरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने मामले को गंभीर बताते हुए बड़ा मलहरा के बीएमओ से जवाब मांगा है। सीएमएचओ ने कहा कि शासन की ओर से जिला मुख्यालय स्तर पर दो शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे में यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित समय पर शव वाहन उपलब्ध क्यों नहीं हो सका और किन परिस्थितियों में कचरा वाहन का उपयोग किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में है और प्रशासन पूरे मामले की पड़ताल कर रहा है।
सौरभ शुक्ला की रिपोर्ट






