छतरपुर के लवकुशनगर में तालाब किनारे लगी प्रदर्शनी में बड़ा हादसा हो गया। बारिश के कारण मेला परिसर में काफी पानी भर गया था। इसी दौरान दुकान लगाने आए एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई।
हादसे के बाद पूरे मेले में अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पहचान अमन चौरसिया उर्फ निक्की चौरसिया के रूप में हुई है। वह प्रदर्शनी में हर माल की दुकान लगाए हुए था। परिवार का आरोप है कि मेला परिसर में पानी भरने के बावजूद बिजली की सप्लाई बंद नहीं की गई।
कमर तक पानी में चल रहा था मेला
बारिश के बाद लवकुशनगर के तालाब किनारे स्थित प्रदर्शनी परिसर में बड़ी मात्रा में पानी भर गया था। परिवार का कहना है कि मेले में आने वाले दुकानदारों और लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा था। कई हिस्सों में पानी काफी ज्यादा था और स्थिति सामान्य नहीं थी।
ऐसे में बिजली के तार, कनेक्शन और अन्य उपकरण पानी के संपर्क में आने से खतरा बढ़ गया। इसी दौरान अमन चौरसिया हादसे का शिकार हो गए। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते बिजली बंद कर दी जाती और मेला रोक दिया जाता, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
पानी में करंट फैलने से हुआ हादसा
अमन चौरसिया प्रदर्शनी में दुकान लगाकर अपना सामान बेच रहे थे। बताया जा रहा है कि वह दुकान के आसपास ही मौजूद थे। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। पानी में बिजली का करंट फैलने की आशंका के चलते आसपास मौजूद लोगों में भी डर का माहौल बन गया।
हादसे के बाद परिवार ने नगर पालिका और बिजली विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि प्रदर्शनी स्थल पर पानी भरने की जानकारी होने के बाद भी बिजली व्यवस्था को लेकर जरूरी सावधानी नहीं बरती गई।
हालांकि पानी में करंट फैलने और हादसे की पूरी वजह जांच के बाद ही साफ होगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बिजली की सप्लाई किस व्यवस्था से दी जा रही थी और हादसे के समय सुरक्षा के क्या इंतजाम मौजूद थे।
नगर पालिका और बिजली विभाग पर उठे सवाल
युवक की मौत के बाद परिवार ने नगर पालिका और बिजली विभाग की भूमिका की जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि बारिश के दौरान मेला परिसर में पानी जमा होने के बाद सबसे पहले बिजली व्यवस्था की सुरक्षा जांच होनी चाहिए थी।
परिवार का आरोप है कि पानी कमर तक भरा होने के बावजूद मेला चलता रहा। ऐसे में दुकानदारों के साथ-साथ वहां आने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों को समझने के साथ हादसे से जुड़े लोगों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
बारिश के मौसम में सुरक्षा पर ध्यान जरूरी
इस हादसे ने बारिश के मौसम में लगने वाले मेलों और अस्थायी बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में दुकानदार और लोग पहुंचते हैं। बारिश के दौरान अगर परिसर में पानी भर जाए तो बिजली व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है।
विशेष रूप से खुले मैदान, तालाब या निचले इलाकों में लगाए गए मेलों में जलभराव की स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बिजली के तार और कनेक्शन पानी से दूर रखना, वायरिंग की जांच करना और जरूरत पड़ने पर बिजली सप्लाई बंद करना सुरक्षा के लिए जरूरी कदम हैं।
हादसे के बाद जवाबदेही तय होने का इंतजार
अमन चौरसिया की मौत के बाद परिवार ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि ऐसी लापरवाही दोबारा किसी दूसरे परिवार के लिए मुसीबत न बने, इसके लिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अब पुलिस जांच के साथ यह भी देखना जरूरी होगा कि प्रदर्शनी शुरू करने से पहले बिजली और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई थी या नहीं। अगर जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी है।






