मेरिट में छतरपुर: टीचर की बेटी और किसान के बेटे ने मारी बाजी, बिना कोचिंग हासिल की सफलता

मेरिट में छतरपुर: टीचर की बेटी और किसान के बेटे ने मारी बाजी, बिना कोचिंग हासिल की सफलता

छतरपुर| संजय अवस्थी| मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आज 3 बजे 12वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया। मैरिट में छतरपुर के 2 बच्चो ने बाजी मारी है| छतरपुर में शासकीय स्कूलों के बच्चो का दबदबा रहा है, इस परिणाम में नौगांव के शासकीय कन्या माध्यमिक शाला की छात्रा शुभांशी मिश्रा ने ललित कला एवं ग्रह विज्ञान समूह में प्रदेश की मैरिट लिस्ट में 444 अंको के साथ पहला स्थान पाया है|

टीवी से रही दूर, बिना कोचिंग हासिल की सफलता
शुभांशी के पिता टीचर है और माँ हाउस वाइफ है| शुभांशी के पिता का कहना है कि वह 10 साल से टीवी बंद किये है जिससे बच्चो की पढ़ाई अच्छे से हो सके| वही शुभांशी ने कही भी कोई कोचिंग नही की थी यह सफलता उन्होंने खुद की मेहनत और लगन से हासिल की है, शुभांशी पर उनके परिजन और इष्टजन गर्व महसूस कर रहे है |

गरीब किसान के बेटे ने किया टॉप
छतरपुर के छात्र नरेन्द्र कुमार पटेल ने एम पी टॉप टेन सूची मे गणित समूह मे तीसरा स्थान पाया है| नरेंद्र ने 500 में से 489 अंक प्राप्त किये| नरेन्द्र एक्सीलेंस स्कूल क्रमांक एक का छात्र है| उनके पिता खेती किसानी करते है और जानवरो को चराते है| लेकिन गरीबी मे भी नरेन्द्र ने जमकर पढाई की और अब वह आगे जाकर इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं| नरेंद्र के रिजल्ट से स्कूल के टीचर भी बहुत खुश है| उनका कहना है नरेन्द्र ने गरीबी देखी लेकिन पढाई मे उसकी यह गरीबी बाधा नही बन सकी ।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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