मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर मंगलवार रात हुए हंगामे के बाद अब प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। देर रात एसडीएम कार्यालय के घेराव और पथराव की घटना के बाद बिजावर थाने में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार प्रदर्शन के दौरान शासकीय कार्य में बाधा पुलिस पर पथराव और चक्का जाम करने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। घटना के बाद पुलिस अब पथराव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुट गई है।
गिरफ्तारी के बाद उग्र हुआ विरोध
बताया जा रहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ढोढ़न गांव के ग्रामीण लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। दिनभर विरोध शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ लोगों की हिरासत के बाद माहौल अचानक गरमा गया।
इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण रात में एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते भीड़ का एक हिस्सा उग्र हो गया और कार्यालय परिसर की ओर पथराव शुरू कर दिया।
पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर संभाली स्थिति
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन पथराव जारी रहने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया गया। देर रात तक इलाके में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि दोबारा कोई अप्रिय स्थिति न बने।
बिजावर थाने में दर्ज हुई FIR, आरोपियों की पहचान जारी
घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बिजावर थाने में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। FIR में शासकीय कार्य में बाधा, पुलिस पर पथराव और चक्का जाम जैसे आरोप शामिल किए गए हैं।
पुलिस अब वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों की मदद से पथराव करने वालों की पहचान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
केन-बेतवा परियोजना को लेकर ग्रामीणों में असंतोष जारी
केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए बड़ी सिंचाई योजना मानी जा रही है, लेकिन प्रभावित गांवों में जमीन, मुआवजे और पुनर्वास को लेकर असंतोष बना हुआ है। ढोढ़न गांव सहित कई क्षेत्रों के लोग मांग कर रहे हैं कि उनकी जमीन और आजीविका से जुड़े मुद्दों का पहले समाधान किया जाए, उसके बाद ही परियोजना को आगे बढ़ाया जाए।





