अप्रैल का महीना आते ही लोग छुट्टियों की तैयारी शुरू कर देते हैं। कोई घर जाने की योजना बनाता है, तो कोई घूमने निकलने का प्लान तैयार करता है। लेकिन इस बार छत्तीसगढ़ और उससे जुड़े रेल मार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों को बड़ा झटका लगा है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार कार्य के चलते कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। इसका सीधा असर उन हजारों यात्रियों पर पड़ेगा जिन्होंने पहले से टिकट बुक कर रखे हैं। अचानक ट्रेनें कैंसिल होने से यात्रियों को नई व्यवस्था करनी पड़ेगी।
गोंदिया स्टेशन पर काम के कारण लिया गया ट्रैफिक ब्लॉक
रेलवे अधिकारियों के अनुसार नागपुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले गोंदिया रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर बड़े स्तर पर सुधार कार्य होना है। यहां पुराने वॉशेबल एप्रन को हटाकर बैलास्टेड ट्रैक बिछाया जाएगा।
यह काम तकनीकी रूप से जटिल है और सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की आवाजाही रोकना जरूरी हो जाता है। इसी वजह से रेलवे ने लगभग 20 दिनों का ट्रैफिक ब्लॉक लिया है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली कई ट्रेनें अस्थायी रूप से रद्द की गई हैं। इसका असर न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ेगा।
अप्रैल में रद्द रहेंगी कई एक्सप्रेस ट्रेनें
रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार अप्रैल महीने के दौरान कई लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द रहेंगी। इनमें शालीमार, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, अमृतसर, निजामुद्दीन और विशाखापत्तनम जैसे बड़े शहरों को जोड़ने वाली ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों से रोज हजारों लोग सफर करते हैं, इसलिए इनके रद्द होने से टिकट वेटिंग बढ़ सकती है और यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा साधन तलाशने पड़ेंगे। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि यात्रा से पहले रेलवे की वेबसाइट या ऐप पर ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें।
फरवरी में भी कुछ पैसेंजर ट्रेनें रहेंगी बंद
अप्रैल के अलावा फरवरी में भी कुछ ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रायपुर डिवीजन के हथबंध-भाटापारा सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज बनाने का काम किया जा रहा है। इस कार्य के लिए भी ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा, जिसकी वजह से 14 और 15 फरवरी को कुछ पैसेंजर और मेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी। ये ट्रेनें रोजमर्रा सफर करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होती हैं, इसलिए स्थानीय लोगों को परेशानी हो सकती है।
MEMU और DEMU ट्रेनों के यात्रियों पर भी असर
इस बार सिर्फ लंबी दूरी की ट्रेनें ही नहीं, बल्कि MEMU और DEMU पैसेंजर ट्रेनें भी प्रभावित होंगी। ये ट्रेनें रोज ऑफिस जाने वाले, छात्रों और छोटे शहरों के यात्रियों के लिए बेहद जरूरी मानी जाती हैं।
गोंदिया से बल्लारशाह और कटंगी के बीच चलने वाली मेमू और डेमू ट्रेनों को भी अप्रैल के दौरान रद्द किया गया है। इसका मतलब है कि स्थानीय यात्रियों को बस या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ेगा।
रेलवे ने क्यों लिया यह फैसला?
रेलवे का कहना है कि ट्रैक और प्लेटफॉर्म सुधार का काम यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में बेहतर सुविधा देने के लिए किया जा रहा है। कई बार पुराने ट्रैक दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, इसलिए समय-समय पर मरम्मत जरूरी होती है। हालांकि, यात्रियों का कहना है कि छुट्टियों के समय ट्रेनें बंद होने से बड़ी परेशानी होती है और रेलवे को पहले से बेहतर योजना बनानी चाहिए।
यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
ऐसे समय में यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए। टिकट बुक करने से पहले यह देखना जरूरी है कि ट्रेन चल भी रही है या नहीं। अगर ट्रेन रद्द हो गई है, तो टिकट रिफंड की प्रक्रिया भी समय पर पूरी कर लेनी चाहिए। इसके अलावा वैकल्पिक ट्रेनों या बस सेवाओं की जानकारी भी पहले से लेनी चाहिए।
रेलवे स्टेशनों पर बढ़ेगी भीड़, टिकट मिलना होगा मुश्किल
ट्रेनों के रद्द होने का एक असर यह भी होगा कि जो ट्रेनें चल रही हैं, उनमें भीड़ बढ़ सकती है। अचानक बड़ी संख्या में यात्री दूसरी ट्रेनों में टिकट बुक करने लगेंगे। इससे वेटिंग लिस्ट लंबी हो सकती है और अंतिम समय पर टिकट मिलना मुश्किल हो सकता है। इसलिए यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना समय रहते बदलनी पड़ सकती है।





