केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरन रिजिजू ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 20–25 कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा स्पीकर के चैंबर में जबरदस्ती प्रवेश किया और उन्हें गालियां दी। रिजिजू ने कहा कि ‘स्पीकर बहुत आहत हैं। मैं वहीं था। स्पीकर बहुत नरम आदमी हैं। वो और भी कठोर कदम उठा सकते थे।’
यह बयान संसद के मौजूदा बजट सत्र में जारी गतिरोध और हंगामे के बीच आया है। मंगलवार को विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था, जिसमें उन्हें खुलेआम पक्षपाती बताते हुए सदन की अध्यक्षता से हटाने की मांग की गई है। इस प्रस्ताव पर 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।
किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर लगाया स्पीकर के साथ गालीगलौज करने का आरोप
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एएनआई से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि लगभग 20-25 कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर के चैंबर में जबरदस्ती घुसकर उनके साथ गालीगलौज की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा “मैं भी वहां मौजूद था। स्पीकर बहुत नरम और शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं वरना सख्त कार्रवाई हो सकती थी।”
किरेन रिजिजू ने ये आरोप भी लगाया कि जब कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर के साथ अभद्रता कर रहे थे उस समय वहां प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल सहित कुछ अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ये वरिष्ठ नेता कांग्रेस सांसदों को उकसा रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्पीकर इस घटना से बहुत आहत और दुखी हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसदों ने संसदीय मर्यादा का उल्लंघन किया और स्पीकर के फैसले की अवहेलना की।
विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया
यह पूरा विवाद बजट सत्र में जारी गतिरोध और हंगामे के बीच उभरा है। इसकी शुरुआत पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब “Four Stars of Destiny” से हुई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस किताब के उद्धरण देने की कोशिश की, जिसमें कथित तौर पर 2020 के भारत-चीन गतिरोध के दौरान राजनीतिक नेतृत्व पर टिप्पणियां हैं, लेकिन स्पीकर ने उन्हें अनुमति नहीं दी। राहुल गांधी ने संसद परिसर में किताब दिखाई और दावा किया कि यह उपलब्ध है जबकि प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस ने इसे अप्रकाशित बताया है। वहीं, मंगलवार को विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया, जिसमें उन्हें “खुलेआम पक्षपाती” करार देते हुए सदन की अध्यक्षता से हटाने की मांग की गई। इस प्रस्ताव पर 118 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं और इसे कांग्रेस के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई ने पेश किया। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा हो सकती है।





