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आज ही निपटाएं जरूरी काम, कल देशभर में प्रभावित रहेंगी बैंक और बीमा सेवाएं

Written by:Bhawna Choubey
Published:
बैंक हड़ताल के चलते देशभर में लेन-देन, चेक क्लियरेंस और बीमा सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारी श्रमिक नीतियों, निजीकरण और कर्मचारियों की कमी के विरोध में सड़क पर उतर रहे हैं, जिससे आम ग्राहकों की चिंता भी बढ़ गई है।
आज ही निपटाएं जरूरी काम, कल देशभर में प्रभावित रहेंगी बैंक और बीमा सेवाएं

सुबह-सुबह बैंक पहुंचने वाले ग्राहकों को गुरुवार को बंद दरवाजे मिल सकते हैं। देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई जगह बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। यह हड़ताल केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े कई मुद्दों के विरोध में की जा रही है।

कई बैंक यूनियनों और कर्मचारी संगठनों ने इस हड़ताल का समर्थन किया है। इसके चलते आम लोगों को नकदी निकासी, चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट और अन्य बैंकिंग सेवाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं बीमा क्षेत्र के कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं, जिससे बीमा सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

क्यों हो रही है देशव्यापी बैंक हड़ताल?

देशभर में हो रही बैंक हड़ताल के पीछे कर्मचारियों की कई मांगें जुड़ी हैं। बैंक यूनियनों का कहना है कि केंद्र सरकार की नई श्रमिक नीतियां कर्मचारियों के हित में नहीं हैं। उनका आरोप है कि इन नीतियों से कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और अधिकारों पर असर पड़ेगा।

यूनियनों का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों के निजीकरण की प्रक्रिया भी कर्मचारियों और आम जनता दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। उनका मानना है कि अगर बैंक निजी हाथों में गए तो सेवाएं महंगी हो सकती हैं और रोजगार के अवसर भी कम हो सकते हैं। कर्मचारियों की कमी, आउटसोर्सिंग की बढ़ती व्यवस्था और पुरानी पेंशन योजना खत्म होने जैसे मुद्दे भी इस हड़ताल के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

बैंक और बीमा सेवाओं पर क्या पड़ेगा असर?

बैंक हड़ताल के कारण देश के कई हिस्सों में बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रह सकता है। हालांकि कुछ जगहों पर सीमित सेवाएं जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन नकदी जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस और लोन से जुड़ी सेवाओं में देरी हो सकती है।

डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी, लेकिन शाखाओं से जुड़े कामकाज पर असर पड़ सकता है। इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें या डिजिटल माध्यम का उपयोग करें। बीमा कंपनियों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं, जिससे बीमा दावों के निपटान और नई पॉलिसी सेवाओं में भी देरी हो सकती है।

इंदौर में गांधी हॉल में होगी बड़ी सभा

मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के चेयरमैन मोहन कृष्ण शुक्ला ने बताया कि इंदौर के गांधी हॉल स्थित अभिनव कला समाज में सुबह 10 बजे एक बड़ी आम सभा आयोजित की जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी शामिल होंगे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाएंगे।

हड़ताल से पहले बुधवार शाम पंजाब नेशनल बैंक के बाहर कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बैंकिंग सेवाओं से जुड़े आम लोगों के हित भी इसमें शामिल हैं।

आम जनता पर बैंक हड़ताल का क्या असर पड़ेगा?

बैंक हड़ताल का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ सकता है। जो लोग बैंक जाकर नकद लेन-देन करते हैं, उन्हें परेशानी हो सकती है। खासकर छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को नकदी लेन-देन में मुश्किल आ सकती है।

हालांकि डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के कारण कुछ हद तक परेशानी कम हो सकती है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी बैंक शाखाओं पर ही ज्यादा निर्भरता है। ऐसे में हड़ताल के कारण वहां अधिक दिक्कत हो सकती है।

बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

बैंक यूनियनों का कहना है कि कर्मचारियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है, जिससे काम का दबाव बढ़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दे रही है, जिससे स्थायी नौकरियों पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की योजनाओं का भी विरोध किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे बैंकिंग सेवाओं की पहुंच और भरोसे पर असर पड़ सकता है।

 

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