हम रोजमर्रा की जिंदगी में कई चीजें बिना सोचे-समझे करते रहते हैं। खासकर महिलाओं के श्रृंगार से जुड़ी चीजें जैसे चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर या मंगलसूत्र इन सबका हमारे जीवन में केवल सौंदर्य से नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा से भी गहरा संबंध होता है। लेकिन कई बार हम कुछ छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका असर हमारे घर की खुशहाली पर पड़ सकता है।
हम देखते हैं कि कई महिलाएं टूटी चूड़ियां पहनती रहती हैं या उन्हें घर में रख देती हैं। कुछ लोग बिस्तर पर बैठकर चूड़ियां बदल लेते हैं। ये बातें छोटी लगती हैं, लेकिन मान्यताओं के अनुसार इनका असर घर की सकारात्मक ऊर्जा पर पड़ता है। इसलिए आज हम आसान भाषा में समझेंगे कि चूड़ियों से जुड़ी कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए।
चूड़ियों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
भारतीय संस्कृति में चूड़ियां केवल गहना नहीं हैं। हम इन्हें सौभाग्य, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक मानते हैं। मान्यता है कि चूड़ियां माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से जुड़ी होती हैं। इसलिए विवाहित महिलाओं के लिए चूड़ियां शुभ मानी जाती हैं।
जब घर की महिलाएं चूड़ियां पहनती हैं तो घर में खुशहाली, सकारात्मक ऊर्जा और शांति बनी रहती है। कई बुजुर्ग कहते हैं कि चूड़ियों की खनक घर में जीवन और उत्साह का संकेत होती है।
टूटी या चटकी चूड़ियां पहनना क्यों माना जाता है अशुभ
सबसे आम गलती जो अक्सर देखने को मिलती है, वह है टूटी या हल्की चटकी चूड़ियों को पहनते रहना। कई बार महिलाएं सोचती हैं कि अभी तो थोड़ा ही टूटी है, चलो पहन लेते हैं। लेकिन मान्यता के अनुसार ऐसा करना सही नहीं माना जाता।
टूटी चूड़ी दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा का संकेत होती है। इससे घर की बरकत और सुख पर असर पड़ सकता है। कुछ लोग इसे पति के स्वास्थ्य के लिए भी अशुभ मानते हैं।
अगर चूड़ी टूट जाए तो उसे तुरंत उतार देना चाहिए। उसे कूड़े में फेंकने की बजाय सम्मानपूर्वक किसी पेड़ के पास रख देना बेहतर माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि चूड़ियां लक्ष्मी जी से जुड़ी मानी जाती हैं, इसलिए उनका अपमान नहीं करना चाहिए।
बिस्तर पर बैठकर चूड़ियां बदलना सही क्यों नहीं
कई बार जल्दी में महिलाएं बिस्तर पर बैठकर चूड़ियां बदल लेती हैं। यह आदत सामान्य लग सकती है, लेकिन पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इसे ठीक नहीं माना जाता। बिस्तर आराम और विश्राम का स्थान है। वहीं, चूड़ियां सौभाग्य का प्रतीक हैं। इसलिए चूड़ियां बदलते समय खड़े होकर या साफ स्थान पर बदलना शुभ माना जाता है।
उपहार में मिली चूड़ियों का सम्मान करना क्यों जरूरी
कभी-कभी शादी, त्योहार या किसी खास मौके पर चूड़ियां उपहार में मिलती हैं। कई बार हमें वे पसंद नहीं आतीं और हम उन्हें तुरंत किसी और को दे देते हैं या रखकर भूल जाते हैं। उपहार भावनाओं का प्रतीक होता है। इसलिए उपहार में मिली चूड़ियों का सम्मान करना चाहिए। कम से कम एक बार उन्हें पहनना या संभालकर रखना अच्छा माना जाता है। साथ ही, अपनी पुरानी और इस्तेमाल की हुई चूड़ियां किसी को देना सही नहीं माना जाता। इसे अपमान और अशुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। अगर दान करना हो तो नई चूड़ियां देना बेहतर माना जाता है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।





