सरकार लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाघिकार हनन नोटिस लाएगी। केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि वे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस (Privilege Notice) फाइल करने जा रहे हैं।
बुधवार को राहुल गांधी द्वारा सदन में दिए गए भाषण के कुछ अंशों पर आपत्ति जताते हुए रिजिजू ने कहा कि जब कोई सदस्य दूसरे सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो आपको नोटिस देना होगा और आरोप को साबित भी करना होगा। मैंने रिक्वेस्ट की है कि राहुल गांधी को सदन में बुलाया जाए ताकि वे अपनी बातों को साबित कर सकें। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री पर बेकार और झूठे आरोप लगाए हैं।
लोकसभा में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
लोकसभा में बुधवार को राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने भारत की संप्रभुता से समझौता किया है और “भारत को बेच दिया” है। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देशहित के खिलाफ है और इससे भारत की स्वतंत्र निर्णय क्षमता प्रभावित हो रही है, विशेषकर तेल खरीद और कृषि के मामलों में। राहुल गांधी ने सदन में प्रधानमंत्री से सवाल किया “क्या आपको भारत बेचने में शर्म नहीं आती?” और कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों और उद्योगों के हित के विपरीत है। इसी के साथ राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें अनिल अंबानी और हरदीप सिंह पुरी के नाम हैं। उन्होंने पूछा कि अनिल अंबानी जेल में क्यों नहीं हैं, जबकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है? हरदीप सिंह पुरी से सवाल किया कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया।
किरेन रिजिजू ने कहा ‘राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाएंगे’
इसके बाद अब केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दायर किया जाएगा क्योंकि उन्होंने सदन को गुमराह करने के लिए बेबुनियाद बयान दिया लगाया है। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के कार्यप्रणाली नियम बहुत स्पष्ट हैं और किसी सदस्य को गंभीर आरोप लगाने के लिए उचित नोटिस देना तथा उसे साबित करना आवश्यक है। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री पर “बेकार और झूठे आरोप” लगाए हैं, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा “भारत और भारतीय हितों को बेच देना” जैसा बयान दिया लेकिन इसके कोई प्रमाण पेश नहीं किए। उन्होंने यह भी कहा है कि बिना नोटिस दिए हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं जो संसदीय नियमों के खिलाफ है।





