
Chhatarpur News : छतरपुर में बुधवार को नगर पालिका के सभागार में परिषद की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के एजेण्डा में लगभग एक सैकड़ा विषय थे जिसमें 135 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को सर्वसहमति से स्वीकृति प्रदान की गई। प्रशासकीय स्वीकृति मिलते ही यह सभी कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। बैठक के दौरान शहर के कुछ स्थानों पर नगर पालिका के नाम पर की जा रही वसूली का विषय उठा तो बैठक का माहौल गर्मा गया। बाद में मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने इसकी जांच कराकर कार्यवाही कराने की बात कही। बैठक में नपाध्यक्ष ज्योति चौरसिया, उपाध्यक्ष विकेन्द्र बाजपेई मिंटू, सीएमओ माधुरी शर्मा सहित अन्य पार्षदगण मौजूद रहे।
बता दें कि बैठक के एजेंडा में शामिल विषयों पर विचार-विमर्श के बाद जिन कार्यों को स्वीकृति मिली है उनमें शहर के विभिन्न वार्डों में सड़कों की मरम्मत, नई सड़कें, नाली निर्माण, अमृत-2 के स्पेशल ट्रेंच, शहर के संकट मोचन और बड़े तालाब का सौंदर्यीकरण कराकर विभिन्न उपकरण स्थापित कराने जैसे कार्य शामिल हैं। इसके अलावा छतरपुर में प्रस्तावित आईएसबीटी बस स्टैंड को सेल्फ फायनेंस मोड पर डालने के संबंध में डीपीआर की स्वीकृति का प्रस्ताव रखा गया था जिस पर सर्वसहमति से पुराने टेण्डर को संशोधित करने का निर्णय लिया गया। शहर के चारों एंट्री प्वाइंट पर वर्टिकल गार्डन, पार्कों और तालाबों के सौंदर्यीकरण, संजीवनी क्लीनिक के निर्माण, कचरा प्रसंस्करण केन्द्र में आवश्यक कार्य, एक दर्जन पानी के नए टैंकर क्रय करने, आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती करने के विषय पर भी चर्चा हुई। शहर के पठापुर पर निर्माणाधीन रामजनकी कुंड के लिए निकाय निधि से भुगतान कराने का प्रस्ताव बैठक में रखा गया, जिस पर विचार हुआ।
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अवैध वसूली के बिंदु पर गर्माया बैठक का माहौल
पार्षद सुशील शिवहरे ने बताया कि इन दिनों शहर के महोबा रोड बाईपास पर कुछ लोगों द्वारा नगर पालिका के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने वसूली का वीडियो दिखाकर जब यह मुद्दा परिषद की बैठक में उठाया तो बैठक का माहौल गर्मा गया। उन्होंने बताया कि नगर पालिका ने बाईपास पर वसूली के लिए टेण्डर जारी नहीं किया है इसके बावजूद नगर पालिका के नाम पर वसूली की जा रही है। इसके अलावा चौपाटी पर अवैध ढंग से रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर उपाध्यक्ष विकेन्द्र बाजपेई ने भी नाराजगी जाहिर की, जिसके बाद सीएमओ माधुरी शर्मा ने इसकी जांच कराकर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही करने की बात कही। उन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा किसी भी व्यक्ति को न तो वसूली के लिए अधिकृत किया गया है और न ही कोई टेण्डर जारी किया गया।
छतरपुर से सुबोध त्रिपाठी की रिपोर्ट
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