नकली नोट चलाने वाला रैकेट पकड़ाया, तीन गिरफ्तार, अवैध हथियार भी बरामद

नकली नोट चलाने वाला रैकेट पकड़ाया, तीन गिरफ्तार, अवैध हथियार भी बरामद

छतरपुर| संजय अवस्थी| जिले के नोगाव शहर में नकली नोट के माध्यम से लोगों को उल्लू बनाकर ठगी करने वाला एक गिरोह पकड़ा पकड़ा गया।गिरोह के तीन लोगों से नकली नोट,अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं।

थाना प्रभारी केके खनेजा ने बताया कि 16 जुलाई को छतरपुर निवासी अमित तिवारी ने पुलिस को आवेदन दिया था कि मउसहानिया निवासी नसरुद्दीन खान,फाईम खान,महेंद्र रैकवार ने उसे 20 हजार रुपये के बदले 1 लाख रुपये देने का वादा किया था। वादे के मुताबिक आरोपियों ने उसे बुलाया और फिर 1 लाख रुपये के नकली नोट से भरा बैग थमा दिया।जब अमित तिवारी ने इन नोटों को देखने के लिए बैग खोलना चाहा तो वे पुलिस का डर दिखाकर भाग गए। बाद में जब बैग खोलकर देखा तो उसमें बच्चों के खेलने वाले चिल्ड्रन बैंक के नकली नोट निकले। इस शिकायत के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को धुवेला के पास से गिरफ्तार कर उनके घर मे दविश दी। यहाँ दविश देने पर पुलिस को घर से कुछ और नकली नोट और एक अवैध कट्टा और एक बका बरामद किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर धारा 420 और आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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