Hindi News

पीएम आवास योजना में बलौदाबाजार-भाटापारा की बड़ी उपलब्धि, छत्तीसगढ़ में पहला स्थान किया हासिल, अन्य योजनाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन

Written by:Gaurav Sharma
Published:
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने छत्तीसगढ़ में पहला स्थान हासिल किया है। वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को पूरा करने में जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 15,000 से ज्यादा घरों का प्लिंथ निर्माण पूरा किया है। इसके साथ ही जल संरक्षण के लिए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा पुरस्कार भी मिला है।
पीएम आवास योजना में बलौदाबाजार-भाटापारा की बड़ी उपलब्धि, छत्तीसगढ़ में पहला स्थान किया हासिल, अन्य योजनाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में यह जिला पूरे छत्तीसगढ़ में शीर्ष पर रहा है। जिला प्रशासन के कुशल नेतृत्व में हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है।

निर्माण कार्यों में रिकॉर्ड तेजी

कलेक्टर के मार्गदर्शन और जिला पंचायत CEO के नेतृत्व में जिले ने आवास स्वीकृति से लेकर निर्माण तक की प्रक्रिया में काफी तेजी दिखाई है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए कुल 26,843 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 24,313 लाभार्थियों को पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। अब तक 20,480 घरों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जो प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है।

प्लिंथ निर्माण में प्रदेशभर में अव्वल

जिले की सबसे बड़ी उपलब्धि प्लिंथ स्तर तक के निर्माण में है। यहां 15,120 आवासों का निर्माण प्लिंथ स्तर तक पूरा कर लिया गया है, जो प्रदेश के सभी जिलों में सर्वाधिक है। इसके अलावा, 26,439 आवासों का फंड ट्रांसफर ऑर्डर (FTO) जारी किया जा चुका है और 24,000 से अधिक हितग्राहियों के बैंक खातों में सीधे राशि भेज दी गई है। अब तक 139 मकान पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं।

PM जनमन योजना और जल संरक्षण में भी अग्रणी

आवास निर्माण के साथ-साथ जिला अन्य योजनाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सभी 25 पात्र हितग्राहियों के आवास स्वीकृत कर उनका निर्माण शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। वहीं, जल संरक्षण की दिशा में जिले ने एक नई मिसाल कायम की है। PMAY-G के तहत बने घरों में 15,260 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिसके लिए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा पुरस्कार भी मिला है।