छत्तीसगढ़ का नाम आते ही नक्सलवाद की चर्चा होना आम बात है। बरसों से यहां के जंगलों में बंदूकें गरजती रहीं, गांव खाली होते रहे और डर का साया हर तरफ फैला रहा, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। पिछले 1 साल में राज्य में सैकड़ों नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट गए हैं। यह अभियान अभी भी जारी है। सरकार की ओर से जो गांव नक्सल मुक्त हो रहे हैं वहां पर कई उपयोगी सेवाएं पहुंचाईं जा रहीं हैं।
नक्सल प्रभावित गांव में बैंकिंग सेवाएं शुरू
बता दें कि इन गांवों को सरकार द्वारा सड़क, बिजली, शिक्षा एवं अन्य संसाधनों से जोड़ा जा रहा है। इस बीच, सुकमा जिले का जगरगुंडा, जो नक्सल हिंसा की वजह से एशिया के मशहूर इमली मार्केट के तौर पर अपनी चमक खो चुका था, अब आर्थिक रूप से मजबूत बनने की रफ्तार पकड़ रहा है, क्योंकि सालों की नक्सल हिंसा के बाद एक नेशनलाइज़्ड बैंक ने काम करना शुरू कर दिया है।
बता दें कि राज्य सरकार की कोशिशों से सुकमा के जगरगुंडा में इंडियन ओवरसीज बैंक की एक ब्रांच खुल गई है, जो कई दशकों से नक्सलियों के कब्जे में था। एक बड़े बदलाव के गवाह जगरगुंडा की तस्वीर बदल रही है। गांव में बैंक फिर से खुल गया है, जिससे गांव वालों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। सरकारी योजनाओं का फायदा अब गांव वालों को सीधे उनके बैंक अकाउंट में पहुंच रहा है। जिन लोगों को कभी बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए 60-70 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था, अब उनके अपने गांव में बैंक है, और यह जगरगुंडा के बदलते भविष्य की सबसे बड़ी निशानी बन गया है।
बस्तर आईजी ने दी जानकारी
बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए लगातार और बड़े पैमाने पर एंटी-नक्सल ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जगरगुंडा और दूसरे इलाकों में जनता को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बैंकिंग सुविधाएं बहाल करने के साथ ही इमली बाजार को फिर से शुरू करने के लिए पॉजिटिव माहौल बनाने की भी लगातार कोशिशें की जा रही हैं।
#WATCH | Sukma, Chhattisgarh: Bastar Range IG Sundarraj P says, “Continuous and extensive anti-Naxal operations are being conducted to eliminate Naxalism… In this sequence, banking facilities are being made available to the public in Jagargunda and other areas… With the… https://t.co/czkVGogCPv pic.twitter.com/NHd5g8bhC3
— ANI (@ANI) January 22, 2026





