छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर के वार्ड नंबर 34, संत विनोबा नगर में एक आंगनबाड़ी भवन पर नगर निगम द्वारा बुलडोजर चलाने का मामला सामने आया है। यह आंगनबाड़ी केंद्र वर्षों से संचालित हो रहा था, लेकिन नगर निगम ने इसे निजी संपत्ति बताकर बिना पूर्व सूचना के तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस कार्रवाई में न तो बच्चों की पढ़ाई और न ही महिलाओं की सुविधाओं का ध्यान रखा गया। स्थानीय लोगों के तीव्र विरोध के बाद बुलडोजर की कार्रवाई को रोक दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के महापौर जीवर्धन चौहान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें गलत जानकारी दी गई थी और इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों ने रायगढ़ विधायक और वित्त मंत्री ओपी चौधरी को भी सूचित किया, जिसके बाद एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वित्त मंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए लोगों से बात की और स्पष्ट किया कि बिना जांच और अनुमति के दोबारा तोड़फोड़ की गई तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
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आंगनबाड़ी केंद्र को नुकसान पहुंचाना गंभीर चूक
स्थानीय निवासियों ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण बताया। उनका कहना है कि बिना वैधानिक प्रक्रिया और तथ्यों की जांच किए बच्चों और महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण आंगनबाड़ी केंद्र को नुकसान पहुंचाना गंभीर चूक है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में गहरी नाराजगी व्याप्त है और लोग नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। आंगनबाड़ी जैसे सामाजिक कल्याण केंद्रों के प्रति इस तरह की लापरवाही ने प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
लोगों की मांग
यह मामला रायगढ़ में प्रशासनिक पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी को उजागर करता है। लोगों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इस बीच, महापौर और वित्त मंत्री के आश्वासनों के बाद जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्थानीय समुदाय इस मामले में कड़ी कार्रवाई और प्रभावित आंगनबाड़ी केंद्र के पुनर्स्थापन की उम्मीद कर रहा है।