
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए अभियान चल रहा है जिसमें पुलिस को बड़ी सफलता मिल रही है। पिछले कुछ दिनों में कई माओवादियों (Maoists) ने हथियार डाल दिए हैं। वहीं बुधवार को बीजापुर में भी CRPF और पुलिस के 51 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इनमें 9 महिलाएँ और 42 पुरुष शामिल हैं, जिन पर कुल 66 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
बता दें कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों (Naxalites) में पीएलजीए बटालियन क्रमांक 01 और कंपनी नंबर 01, 02 व 05 के सदस्य, एसीएम, एरिया कमेटी पार्टी, एलओएस और मिलिशिया संगठन के कई पदाधिकारी शामिल हैं। सभी ने संविधान पर आस्था जताते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने की शपथ ली है।
एक दिन में दो बार बड़ी सफलताएं
बता दें कि आज ही पुलिस को दो बार बड़ी सफलता मिली है। उत्तर बस्तर में सक्रिय रहे 21 माओवादियों ने 18 हथियारों के साथ पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण कर दिया है। सभी नक्सलियों का आज रेड कारपेट में स्वागत किया गया। आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों को बस्तर IG ने संविधान की प्रति सौंपकर मुख्यधारा में उनका स्वागत किया है।
50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान
जिला पुलिस अधीक्षक डा. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडरों को पुनर्वास प्रोत्साहन के रूप में तत्काल 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने शेष माओवादियों से भ्रामक विचारधाराओं को त्यागकर, निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की, और कहा कि संवाद, पुनर्वास और विकास का मार्ग ही क्षेत्र में स्थायी शांति लाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है। मुख्यधारा में प्रवेश करने वाले माओवादियों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जिएं और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें।
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