छत्तसीगढ़ में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शनिवार देर रात (31 अक्टूबर 2026 ) नगरीय प्रशासन और विकास विभाग द्वारा 100 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं।
जारी सूची के मुताबिक, बलौदाबाजार, जांजगीर-नैला, सक्ती, बांकीमोंगरा, मनेंद्रगढ़, पिपरिया, पंडरिया, सीतापुर, डौंडीलोहारा, कुर्रा, पिथौरा, कवर्धा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, रायगढ़, अम्बिकापुर, चांपा, रतनपुर, बिलासपुर, भाटापारा, धमतरी सहित कई नगरीय निकायों में अधिकारियों- कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है।
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विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, कुल 53 मुख्य नगर पालिका अधिकारी, 24 अभियंता, 5 लेखापाल, 4 स्वास्थ्य निरीक्षक, 4 भृत्य, 3 कैशियर्स, 3 सहायक ग्रेड-3 , 1-1 स्टेनोग्राफर, सहायक राजस्व निरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर और वाहन चालक को इधर से उधर किया गया है।
जानिए किसे कहां भेजा
- स्टेनोग्राफर संजय शर्मा को नगर पालिका निगम कोरबा से भिलाई, स्वच्छता निरीक्षक भैया लाल असाटी को नगर पालिक निगम दुर्ग से नगर पालिक निगम भिलाई भेजा गया है।
- लेखपाल सुनील कुमार कौशिक को नगर पालिका परिषद गौरेला पेंड्रा मरवाही से बोदरी, लेखापाल पुखराज शर्मा को नगर पालिका परिषद कवर्धा से नगर पंचायत सहसपुर लोहारा लगाया है।
- सहायक ग्रेड 3 ज्ञानेंद्र कुर्रे को नगर पालिका परिषद जांजगीर से संयुक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर भेजा गया है।
- मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनोद पांडे को जोन कमिश्नर नगर पालिक निगम रायपुर से नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार, आशीष तिवारी को नगर पालिका बलौदाबाजार से मुंगेली और अजय राजपूत को नगर पालिका परिषद महेंद्रगढ़ से पिपरिया की जिम्मेदारी दी गई है।
- उप अभियंता संजय कोराम को नगर पालिका नारायणपुर से कोंडागांव, राजेश पांडे को नगर पालिका परिषद कोंडागांव से नगर पंचायत बस्तर , तीर्थराज सिंह को नगर पालिका बीजापुर से सुकमा और रितु श्रीवास्तव को नगर पालिक निगम बिलासपुर से भिलाई भेजा गया है।
3 निलंबित CMO की हुई बहाली, विभागीय जांच जारी रहेगी
नगरीय प्रशासन विभाग ने 3 मुख्य नगर पालिका अधिकारियों सर्वश्री विकास पाटले, विष्णु प्रसाद यादव और जफर खान के विरुद्ध विभागीय जांच को जारी रखते हुए निलंबन से बहाल किया है। इन्हें क्रमशः दल्ली राजहरा नगर पालिका, वाड्रफनगर नगर पंचायत और बिलाईगढ़ नगर पंचायत में मुख्य नगर पालिका अधिकारी पदस्थ किया गया है। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार इनके विरूद्ध जांच जारी रहेगी तथा निलंबन काल का निराकरण उनके विरुद्ध प्रचलित विभागीय जांच के गुण-दोषों के आधार पर पृथक से किया जाएगा।
