रायपुरः छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपने बजट में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट में बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी ‘रानी दुर्गावती योजना’ की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत, प्रदेश की बेटियों को 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसे बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा, सरकार ने ‘लखपति दीदी’ योजना को और प्रभावी बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री लखपति भ्रमण योजना’ का भी प्रावधान किया है। इस नई पहल के तहत, चयनित महिलाओं को देश और विदेश के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों का दौरा कराया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ना और उन्हें प्रेरित करना है।
1.72 लाख करोड़ का संकल्प आधारित बजट
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में साय सरकार का तीसरा बजट पेश करते हुए बताया कि यह बजट ‘संकल्प’ की थीम पर आधारित है। बजट का कुल आकार 1,72,000 करोड़ रुपये है। इस बजट के माध्यम से सरकार ने प्रदेश के समग्र विकास का खाका पेश किया है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिससे लाखों परिवारों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
इसके साथ ही, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत देने के लिए 25 विकासखंडों में नए डायलिसिस केंद्र खोलने की भी घोषणा की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका लक्ष्य प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करना है।
आंगनबाड़ी केंद्रों और महतारी सदन का होगा निर्माण
मातृ एवं शिशु पोषण सेवाओं को मजबूती देने के लिए भी सरकार ने कदम उठाए हैं। प्रदेश में 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए 42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही, महतारी सदन के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो महिलाओं के कल्याण और उनकी गतिविधियों के केंद्र के रूप में काम करेगा।





