कांग्रेस की नाकेबंदी पर भाजपा का पलटवार, डिप्टी सीएम बोले- ‘भूपेश बघेल अब पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बन चुके हैं’

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भूपेश बघेल पर सीधे निशाने साधते हुए कहा कि एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामलों के खुलासे ने कांग्रेस के भीतर भी भूपेश बघेल की स्वीकार्यता को खत्म कर दिया है।
कांग्रेस की नाकेबंदी पर भाजपा का पलटवार, डिप्टी सीएम बोले- ‘भूपेश बघेल अब पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बन चुके हैं’

छत्तीसगढ़ में ईडी की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी की। लेकिन इस राजनीतिक दांव पर अब बीजेपी ने ज़ोरदार पलटवार किया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भूपेश बघेल पर सीधे निशाने साधते हुए कहा कि एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामलों के खुलासे ने कांग्रेस के भीतर भी भूपेश बघेल की स्वीकार्यता को खत्म कर दिया है।

डिप्टी सीएम बोले,

“आखिर कब तक भूपेश बघेल अपनी सरकार में हुए भ्रष्टाचारों पर पर्दा डालने के लिए ऐसे काम करते रहेंगे? पहले इन्होंने धन मोह में अपनी साख गंवाई। अब पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बने बैठे हैं।”

‘चोरी ऊपर से सीनाजोरी’

अरुण साव ने कांग्रेस की नाकेबंदी पर तीखा हमला करते हुए कहा,

“यह पहला मौका है जब भ्रष्टाचारियों के समर्थन में नाकेबंदी करके निर्दोष जनता को सज़ा देने की कोशिश हुई। लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ने इसे नकार दिया। इसके लिए उनका धन्यवाद।”

उन्होंने भूपेश बघेल के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें भूपेश ने कहा था कि अगर उनके पिता नंदकुमार बघेल जीवित होते, तो उनके पोते की गिरफ्तारी पर गर्व महसूस करते। इस पर साव बोले,

“यह बहुत आश्चर्यजनक है। एक पिता को बेटे पर गर्व तब होता है जब वह डॉक्टर, इंजीनियर या समाजसेवी बने। लेकिन जब एक बाप को बेटे के आर्थिक अपराधों में नाम आने पर गर्व हो। तो इसे क्या कहा जाए?”

‘अब श्रीराम पर टिप्पणी करना गर्व की बात?’

बीजेपी नेता ने नंदकुमार बघेल के पुराने बयानों को याद दिलाया जिसमें उन्होंने हिंदुत्व और श्रीराम पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल पहले अपने पिता की बातों से असहमति जताते थे। लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी को गौरव बता रहे हैं।

“क्या अब हिंदुत्व और श्रीराम पर टिप्पणी करना उन्हें अन्याय लगना बंद हो गया है? उनका मुखौटा उतर गया है।”

ईडी के आरोपों का ज़िक्र

अरुण साव ने ईडी की प्रेस रिलीज़ का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा,

“2500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई शराब घोटाले के जरिए की गई। इसमें से 16.70 करोड़ की पीओसी (Proceeds of Crime) चैतन्य बघेल को मिली। उसने इस रकम को खपाने के लिए अपनी रियल एस्टेट कंपनियों का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, चैतन्य पर 1000 करोड़ से ज़्यादा की पीओसी को संभालने का आरोप है।”

आर्थिक नाकेबंदी का जिक्र

डिप्टी सीएम साव ने भूपेश सरकार के पुराने घोटालों की याद दिलाते हुए कहा,

“कोल, महादेव ऐप, चावल, शराब, पीएससी इन सबमें घोटाले हुए और पूरे प्रदेश के आर्थिक विकास को बंधक बना दिया गया था। अब जब सत्ता नहीं रही, तो नाकेबंदी करके फिर वही हरकत कर रहे हैं। लेकिन इस बार जनता ने इनका खेल बिगाड़ दिया।”

अंत में उन्होंने प्रदेश की जनता और संगठनों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जनता, व्यापारिक संगठन और श्रमिकों ने कांग्रेस की नाकेबंदी का विरोध किया। अराजकता के खिलाफ आवाज उठाई। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस जन समर्थन ने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

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