छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: जेल से बाहर आएंगे पूर्व मंत्री कवासी लखमा, सुप्रीम कोर्ट से मिली सशर्त अंतरिम जमानत

कथित शराब घोटाले में लंबे समय से जेल में बंद छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने ED और EOW के मामलों में उन्हें कुछ कड़ी शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दे दी है, जिसमें राज्य से बाहर रहना भी शामिल है।
kawasi lakhma

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) द्वारा दर्ज मामलों में उन्हें सशर्त अंतरिम जमानत दे दी है। लंबे समय से जेल में बंद लखमा की रिहाई का रास्ता अब साफ हो गया है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए कई कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। इन शर्तों के मुताबिक, कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा। उन्हें केवल अदालती सुनवाई में पेशी के लिए ही प्रदेश में आने की अनुमति होगी। इसके अलावा, उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करने और अपना वर्तमान पता व मोबाइल नंबर स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।

क्या है 3,200 करोड़ रुपए का शराब घोटाला?

यह मामला कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच ED कर रही है। जांच एजेंसी ने इस मामले में 3,200 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का दावा किया है। ED के अनुसार, एक संगठित सिंडिकेट बनाकर इस घोटाले को अंजाम दिया गया।

FIR में राजनेताओं, आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारियों के नाम शामिल हैं। ED का आरोप है कि तत्कालीन IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट ने इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया था।

कांग्रेस ने बताया था ‘बदले की कार्रवाई’

कवासी लखमा की गिरफ्तारी के बाद से ही कांग्रेस पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताती रही है। कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर सेंट्रल जेल में लखमा से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद बैज ने कहा था कि एक आदिवासी नेता को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।

“आदिवासी नेता को टारगेट करके जेल भेजा गया। यह कार्रवाई बदले की भावना से की गई है। इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में आवाज़ उठाई जाएगी।”- दीपक बैज, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस

दीपक बैज ने उस समय यह भी भरोसा जताया था कि फरवरी में कवासी लखमा को अदालत से जमानत मिल जाएगी। उन्होंने कहा था कि जेल से बाहर आने के बाद लखमा बस्तर और पूरे प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने का काम करेंगे।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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