राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर बस्तर जिले में जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर उन्हें सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम के दौरान “आमचो बस्तर हाट कियोस्क” का उद्घाटन किया और “कलागुड़ी कैटलॉग” का विमोचन किया, जिसमें स्थानीय कला और हस्तशिल्प की झलक दिखाई गई।
अरुण साव ने संबोधन में क्या कहा?
अपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि “दंतेश्वरी मां की पावन धरती से राज्योत्सव का शुभारंभ होना सौभाग्य की बात है।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य आज अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और यह अवसर सभी छत्तीसगढ़वासियों के लिए गर्व का विषय है। साव ने इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “उनकी दूरदर्शी सोच और नेतृत्व के कारण ही छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा मिला था।”
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि विकास की गंगा बह रही है, जिससे छत्तीसगढ़ ने देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। बड़े उद्योगों के निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, वहीं सरकार ने दूरदराज के इलाकों तक विकास की रोशनी पहुंचाने का संकल्प लिया है।
कई इलाके हुए नक्सलमुक्त
अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। सुरक्षा बलों और पुलिस के प्रयासों से अब कई इलाके नक्सलमुक्त हो चुके हैं। इन क्षेत्रों में अब सड़कों, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब केवल संघर्ष की भूमि नहीं, बल्कि कला, संस्कृति, सभ्यता और पर्यटन का प्रतीक बन चुका है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी और नगर निगम सभापति सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह रजत जयंती वर्ष छत्तीसगढ़ की नई उड़ान का प्रतीक बनेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि “राज्य लंबी उड़ान के लिए तैयार है और हमारा लक्ष्य है— एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध छत्तीसगढ़।”





