अलग अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से अगले एक सप्ताह तक छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा तथा कहीं कहीं स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।फिलहाल अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।
आज मंगलवार को रायपुर में आकाश सामान्यतः मेघमय रहने तथा गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 34 डिग्री सेल्सियस और 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।संभावना है कि 10 से 15 जून के बीच कभी भी प्रदेश में मानसून की एंट्री हो सकती है।इससे पहले इसमें बस्तर, दुर्ग और रायपुर संभाग के जिलों में आंधी-तूफान का सिलसिला जारी रहेगा।
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आज मंगलवार को इन जिलों में बारिश का अलर्ट
- धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, में मेघगर्जन / आकाशीय बिजली / तेज हवा / आंधी (60-80 KMPH) ।
- कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, दुर्ग, कबीरधाम, मुंगेली, में मेघगर्जन / आकाशीय बिजली / अचानक तेज हवा / आंधी (40-60 KMPH) ।
- बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, में मेघगर्जन / आकाशीय बिजली / अचानक तेज हवा (30-40 KMPH) ।
वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां
- दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। ऊपरी हवा की द्रोणिका अब मराठवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों पर निम्न दवाव वाले क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से उत्तरी तेलंगाना, दक्षिण छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा होते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तक औसत समुद्र तल से 3.1 और 5.3 किमी ऊपर ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुकती है।
- मराठवाड़ा और उसके आसपास के इलाकों में एक कम दवाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मध्य-श्रोभमंडल स्तर तक फैला हुआ है, जो दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। 27 मई के आसपास बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तरी इलाकों में एक कम दवाव का क्षेत्र बनने की संभावना है जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी।