Chhattisgarh Weather : बुधवार से फिर बदलेगा मौसम, बढ़ेगा पारा, लू का अलर्ट, 2 दिन वॉर्म नाइट स्थिति, पढ़े IMD अपडेट

Chhattisgarh Weather :मध्य छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 2 दिन वॉर्म नाइट की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को कुछ जगहों पर अंधड़ के साथ बूंदाबांदी होने का अनुमान है।
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छत्तीसगढ़ में बुधवार से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा लेकिन आगामी 3 दिनों में 1-2 डिग्री की वृद्धि देखने को मिल सकती है। साथ ही अगले 5 दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो पॉकेट में ग्रीष्म लहर चलने और अगले 2 दिनों तक उष्ण रात्रि होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग की मानें तो वर्तमान में एक उत्तर-दक्षिण द्रोणिका पूर्वी बिहार से झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर स्थित है। इसके असर से मंगलवार (21 अप्रैल 2026) को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बूंदाबांदी होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने तथा तेज हवा (40-50 KMPH) चलने के आसार है।  एक-दो पॉकेट में ग्रीष्म लहर भी चल सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक, आज कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा, जशपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर, मुंगेली, कबीरधाम, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, बलौदा बाजार, कांकेर, बालोद और दुर्ग जिलों के अलग-अलग स्थानों पर बादल, बूंदाबांदी और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है। रायपुर में ग्रीष्म लहर व उष्ण रात्रि होने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 43 डिग्री सेल्सियस और 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

बुधवार से फिर प्रदेश में मौसम शुष्क होने लगेगा। एक-दो पॉकेट में ग्रीष्म लहर चलने की संभावना है। खास करके रायपुर, दुर्ग, बलौदा बाजार, बालोद, बिलासपुर में लू का असर रहेगा। अधिकतम तापमान में वृद्धि होने के बाद प्रदेश में अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है.

पशुओं को ’हीट स्ट्रोक’ से बचाने पशुपालन विभाग की एडवायजरी

  • पशुपालन विभाग ने पशुपालकों और किसानों के लिए एडवायजरी जारी की है जिसमें बताया गया है कि पशुओं को लू से बचाने के लिए उनके आवास (शेड) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। पशुओं को हमेशा ठंडी और हवादार जगह पर रखें।
  • शेड के ऊपर टाट, घास डालकर या सफेद पेंट कर तापमान को कम रखा जा सकता है। दोपहर के समय पशुओं को सीधी धूप में बाहर कतई न बांधें। पशु शेड के आसपास छायादार वृक्षों का होना तापमान नियंत्रण में अत्यधिक सहायक होता है।
  • पशुओं को दिन में कम से कम 3-4 बार ताज़ा और ठंडा पानी पिलाएं। पानी में इलेक्ट्रोलाइट, नमक या गुड़ का घोल मिलाकर देने से लू से बचाव होता है।
  • पशुओं को सुबह और शाम के ठंडे समय में ही चारा दें। दोपहर में भारी दाना देने से बचें और आहार में पर्याप्त हरा चारा शामिल करें, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में खनिज और विटामिंस होते हैं।
  • यदि पशु तेज सांस ले रहा हो, हांफ रहा हो, मुंह खोलकर सांस ले रहा हो या उसके मुंह से लार टपक रही हो, तो यह लू लगने के संकेत हैं। लू के लक्षण दिखने पर पशु को तुरंत छाया में ले जाएं और उसके सिर व गर्दन पर ठंडा पानी डालें। प्राथमिक उपचार के साथ ही अविलंब नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क कर उचित इलाज कराएं।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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