कोरबा में बहुप्रतीक्षित एल्युमिनियम पार्क की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उत्पादन कंपनी की बोर्ड बैठक में कोरबा ताप विद्युत गृह की 105 हेक्टेयर जमीन को उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। जल्द ही यह जमीन उद्योग विभाग के कब्जे में होगी, जिसके बाद एल्युमिनियम पार्क के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस परियोजना से कोरबा को औद्योगिक केंद्र के रूप में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

कोरबा विधायक और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के अथक प्रयासों से यह महत्वपूर्ण परियोजना गति पकड़ सकी है। जिला चेम्बर ऑफ कॉमर्स और विभिन्न उद्योग संगठनों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। उद्योग विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए इस परियोजना हेतु 5 करोड़ रुपये का बजट भी प्रस्तावित किया था। इस पार्क के निर्माण से न केवल एल्यूमिनियम आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिले में रोजगार के व्यापक अवसर भी सृजित होंगे।

बढ़ती मांग को मिलेगा सहारा

एल्यूमिनियम की मांग ऊर्जा संयंत्रों, निर्माण कार्य, रेलवे, पैकेजिंग, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिकल उपकरण और घरेलू बर्तनों जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है। एल्युमिनियम पार्क के स्थापित होने से इन सभी क्षेत्रों से संबंधित उत्पाद कोरबा में ही निर्मित हो सकेंगे। यह परियोजना स्थानीय उद्योगपतियों के साथ-साथ बाहरी निवेशकों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगी, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बल मिलेगा।

कोरबा बनेगा एल्यूमिनियम उत्पादन का केंद्र

विशेषज्ञों के अनुसार, एल्युमिनियम पार्क के निर्माण से कोरबा में एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार के एल्यूमिनियम उत्पादों का निर्माण संभव होगा। बालको स्मेल्टर प्लांट में पहले से ही एल्यूमिना का उत्पादन होता है, और अब इस पार्क के माध्यम से एल्यूमिनियम उत्पादों की पूरी शृंखला कोरबा में उपलब्ध होगी। इससे कोरबा न केवल औद्योगिक, बल्कि आर्थिक रूप से भी एक मजबूत पहचान स्थापित करेगा।