कैबिनेट विस्तार पर विवाद, भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, लगाया नियमों के उल्लंघन का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में वरिष्ठ नेताओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया, जिससे भाजपा के भीतर नाराजगी साफ दिखाई देती है। शपथ ग्रहण समारोह में कई वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति इसका प्रमाण है।
कैबिनेट विस्तार पर विवाद, भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, लगाया नियमों के उल्लंघन का आरोप

छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार ने सियासी हलचल तेज कर दी है। राज्य गठन के बाद पहली बार मुख्यमंत्री सहित 14 विधायकों को कैबिनेट में शामिल किया गया है। इस विस्तार पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने मंत्रिमंडल विस्तार को मजाक बना दिया है और नियमों का उल्लंघन करते हुए 15 प्रतिशत से अधिक विधायकों को मंत्री बनाया गया। बघेल ने तीन नए मंत्रियों को बधाई दी, लेकिन वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करने पर नाराजगी जताई।

भूपेश बघेल ने कहा कि नियम के अनुसार मंत्रिमंडल में विधायकों की संख्या 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। उन्होंने खुलासा किया कि उनकी सरकार के समय मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया था, लेकिन अनुमति नहीं मिली। फिर भी, भाजपा ने तीन नए मंत्रियों को शपथ दिलाकर नियमों की अनदेखी की। बघेल ने सवाल उठाया कि क्या मंत्रिमंडल का आकार 14 तक बढ़ाने की केंद्र सरकार से अनुमति ली गई है और क्या इसके लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया। उन्होंने इसे असंवैधानिक और गलत परंपरा करार दिया।

वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी से नाराजगी

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में वरिष्ठ नेताओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया, जिससे भाजपा के भीतर नाराजगी साफ दिखाई देती है। शपथ ग्रहण समारोह में कई वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति इसका प्रमाण है। बघेल ने दावा किया कि भाजपा अपने वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं करती और छत्तीसगढ़ की सरकार दिल्ली से संचालित हो रही है। उन्होंने बृजमोहन अग्रवाल को विधानसभा से हटाकर लोकसभा भेजने को ‘वनवास’ की संज्ञा दी, जिससे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का राजनीतिक भविष्य संकट में दिख रहा है।

सरकार से जवाब की मांग

भूपेश बघेल ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने पूछा कि क्या मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी ली गई और क्या इसके लिए कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह प्रक्रिया नियमों के खिलाफ हुई है, तो यह एक गलत और असंवैधानिक परंपरा की शुरुआत है। बघेल ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में बैठे दो लोग छत्तीसगढ़ की सरकार चला रहे हैं, जिससे राज्य के नेताओं की उपेक्षा हो रही है।

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