छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सरगुजा प्रवास के दौरान बुधवार को भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि जीएसटी सुधार से आमजन, किसान और व्यापारियों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। चौधरी ने कहा कि जीएसटी स्लैब को सरल कर दो दरों (5% और 18%) तक सीमित करने और कई वस्तुओं पर कर शून्य या 10% तक कम करने से भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।
उन्होंने बताया कि 2017 में जीएसटी लागू होने से पहले देश में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे, जिसे हटाकर एक देश-एक कर प्रणाली लागू की गई। अब चार स्लैब को घटाकर दो स्लैब करने और रोजमर्रा की वस्तुओं, कृषि उपकरणों, स्वास्थ्य बीमा, शैक्षणिक सामग्री और ऑटोमोबाइल उत्पादों पर कर कम करने से लोगों की बचत बढ़ेगी और व्यापारियों को कारोबार में आसानी होगी। जीएसटी करदाताओं की संख्या 2017 में 66.5 लाख से बढ़कर 2025 में 1.51 करोड़ हो गई है, और वित्त वर्ष 2024-25 में जीएसटी संग्रह 22.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा है।
छोटे-बड़े और मझोले उद्योगों को विशेष लाभ
चौधरी ने कहा कि यह सुधार सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्योगों (MSME) को विशेष लाभ पहुंचाएगा, साथ ही वस्त्र उद्योग, हस्तशिल्प, और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देगा। किसानों के लिए ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों पर कर कम होने से लागत घटेगी, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों पर 40% कर लगाया गया है, जो अपवाद है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को आर्थिक सुधारों के लिए 6200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है, जो राज्य की आबादी के अनुपात में उल्लेखनीय है।
देश को विकसित बनाने में योगदान
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले से अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का वादा किया था, जिसे 20 दिनों में ही जीएसटी काउंसिल ने मंजूरी दे दी। यह सुधार जनता की जेब में पैसा डालकर उनकी क्रय शक्ति बढ़ाएगा और देश को विकसित बनाने में योगदान देगा। चौधरी ने विपक्ष के दुष्प्रचार को खारिज करते हुए कहा कि यह सुधार राष्ट्रहित में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय है, जो व्यापार, उद्योग और आमजन के लिए रामराज्य की दिशा में कदम है।





