छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत एक और बड़े डिजिटल भुगतान चरण में रविवार को 69 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में किस्त की राशि सीधे भेजी गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर संभाग के जगदलपुर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित महतारी वंदन सम्मेलन-2026 से एक क्लिक के माध्यम से 25वीं किस्त जारी की।

राज्य सरकार ने इस हस्तांतरण को महिलाओं के लिए आर्थिक सहारे के साथ आत्मनिर्भरता से जुड़े कदम के रूप में पेश किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही और लाभार्थी समूहों ने योजना के प्रभाव को घरेलू और सामाजिक स्तर पर महत्वपूर्ण बताया।

डीबीटी से सीधा भुगतान, 69 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ

अधिकारियों के मुताबिक, किस्त वितरण पूरी तरह Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए किया गया, जिससे राशि सीधे पात्र विवाहित महिलाओं के खातों में पहुंची। सरकार का कहना है कि इस प्रणाली से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ती है।

योजना का मूल ढांचा स्थिर रखा गया है: पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये, यानी सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता। राज्य सरकार इस स्कीम को नियमित सामाजिक सुरक्षा और परिवार-स्तर पर वित्तीय स्थिरता से जोड़कर देख रही है।

फरवरी में 24वीं किस्त, अब 25वीं किस्त का वितरण

सरकार ने इससे पहले इसी वर्ष फरवरी में 24वीं किस्त जारी की थी। उस चरण में लाभार्थियों को 6,413.40 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। रविवार को 25वीं किस्त के वितरण के साथ योजना की निरंतरता पर फिर जोर दिया गया।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत अब तक कुल 1,62,373.30 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों को जारी की जा चुकी है। सरकार इसे समयबद्ध कल्याणकारी वितरण की निरंतर प्रक्रिया बता रही है।

जगदलपुर सम्मेलन में सामाजिक असर पर भी फोकस

बस्तर क्षेत्र के जगदलपुर में हुए कार्यक्रम में योजना के सामाजिक असर को भी प्रमुखता दी गई। लाभार्थियों ने बताया कि किस्त की राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और छोटे उद्यम शुरू करने जैसे कार्यों में किया जा रहा है।

नीतिगत स्तर पर यह तर्क भी सामने रखा गया कि नियमित नकद सहायता से परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है और घर के आर्थिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी मजबूत हुई है। अधिकारियों ने कहा कि राज्यभर में करीब 70 लाख महिलाओं तक इस योजना का लाभ पहुंच रहा है।

सरकार का रुख: समावेशी विकास में महिला कल्याण केंद्रीय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस तरह की पहल राज्य की समावेशी विकास नीति को दर्शाती है, जिसमें महिला कल्याण को सामाजिक प्रगति की आधारशिला माना गया है। सरकार के अनुसार, ताजा भुगतान चरण समानता, न्याय और सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाता है।

योजना के नियमित क्रियान्वयन से यह संकेत भी गया है कि राज्य स्तर पर डिजिटल भुगतान आधारित कल्याण मॉडल को प्रशासनिक प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले चरणों में भी इसी ढांचे के तहत किस्त वितरण जारी रखने की बात दोहराई गई।