रायपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ अभियान शुरू करने का फैसला किया है। यह अभियान 1 सितंबर 2025 से जिले में लागू होगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिल धगट के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को ज्ञापन सौंपकर इस पहल की जानकारी दी। इस अभियान का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित करना है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि रायपुर में हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए और कुछ की मृत्यु हो गई। इनमें से अधिकांश मामलों में दोपहिया वाहन चालकों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं। इस स्थिति को देखते हुए एसोसिएशन ने सामाजिक हित में यह अभियान शुरू करने का निर्णय लिया, ताकि हेलमेट के उपयोग को अनिवार्य किया जा सके और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
शासन और प्रशासन से सहयोग की अपील
1 सितंबर से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत केवल हेलमेट पहने हुए दोपहिया वाहन चालकों को ही पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि जनता में जागरूकता भी फैलाएगा। एसोसिएशन ने इस जनहितकारी पहल के लिए शासन और प्रशासन से सहयोग की अपील की है, ताकि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
हेलमेट के महत्व को लेकर लोगों में जागरूकता
यह अभियान रायपुर में सड़क सुरक्षा के प्रति एक नई जागरूकता लाने का प्रयास है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन की इस पहल को स्थानीय प्रशासन और नागरिकों से समर्थन मिलने की उम्मीद है। इस तरह की मुहिम से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि हेलमेट के महत्व को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी, जिससे रायपुर में सुरक्षित यातायात को बढ़ावा मिलेगा।





