रायपुर: जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और व्यावसायिक दुरुपयोग को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर गौरव सिंह के स्पष्ट निर्देशों के बाद, खाद्य विभाग की टीमों ने एक विशेष जांच अभियान चलाते हुए कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान होटलों, दुकानों और गैस एजेंसियों से 350 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए, जिससे अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की गई है जिनमें बताया जा रहा था कि घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित सस्ते सिलेंडर अवैध रूप से होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, साथ ही इनकी कालाबाजारी भी हो रही है।
ये भी पढ़ें
होटल और चिकन सेंटर में हो रहा था घरेलू सिलेंडर का उपयोग
जांच अभियान के तहत खाद्य विभाग की टीम ने धरसींवा विकासखंड के सेजबहार इलाके में एक होटल पर छापा मारा। यहां टीम ने पाया कि व्यावसायिक कार्यों के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों का खुलेआम उपयोग किया जा रहा था। मौके से 14.2 किलोग्राम क्षमता वाले 8 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए। इसी क्षेत्र में एक चिकन सेंटर पर भी कार्रवाई की गई, जहां से 3 घरेलू सिलेंडर बरामद हुए, जिनका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए हो रहा था।
गैस एजेंसी में मिली भारी गड़बड़ी
अभियान का एक बड़ा खुलासा अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में हुआ, जहां एक दुकान से बड़ी संख्या में सिलेंडर जब्त किए गए। यहां से 14.2 किलोग्राम के 26 घरेलू, 19 किलोग्राम के 2 व्यावसायिक और 5 किलोग्राम के 4 छोटे सिलेंडर बरामद हुए, जो कालाबाजारी के लिए रखे गए थे।
इसके अलावा, टीम ने इंडेन से जुड़ी एक ग्रामीण गैस एजेंसी के रिकॉर्ड और स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। एजेंसी के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में एक बड़ा अंतर पाया गया।
- 101 भरे हुए घरेलू सिलेंडर (14.2 kg) कम पाए गए।
- 64 खाली घरेलू सिलेंडर (14.2 kg) कम थे।
- 23 खाली व्यावसायिक सिलेंडर (19 kg) भी स्टॉक से गायब थे।
इस गंभीर अनियमितता के बाद, एजेंसी परिसर में मौजूद कुल 355 गैस सिलेंडरों को जब्त कर लिया गया है और फिलहाल एजेंसी संचालक की सुपुर्दगी में ही रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में संबंधित अधिनियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह का अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।