अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और रंग पंचमी के मौके पर रायपुर स्थित लोकभवन में आयोजित महिला सम्मान समारोह में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, उद्यमिता, स्वच्छता और पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचीं जमीनी स्तर की महिलाओं की भागीदारी प्रमुख रही।

मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल रमेन डेका ने सम्मान प्रदान करते हुए कहा कि गांवों और दूरस्थ इलाकों तक जनकल्याणकारी योजनाएं पहुंचाने में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने इस भूमिका को विकास प्रक्रिया का आधार बताया।

“नारी शक्ति देश के विकास की धुरी है, और अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास का लाभ पहुंचाना सरकार की प्रतिबद्धता है।”- राज्यपाल रमेन डेका

राज्यपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उनके मुताबिक समाज को ऐसा वातावरण बनाना होगा जहां हर महिला को सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने का अवसर मिले।

केंद्र और राज्य की योजनाओं पर जोर

अपने संबोधन में राज्यपाल ने महिलाओं से जुड़ी केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महिला शक्ति केंद्र, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन को अहम बताया। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।

राज्य स्तर पर भी महिलाओं और बालिकाओं के लिए चल रही योजनाओं का जिक्र हुआ। मंच से महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना, किशोरी शक्ति योजना और सुकन्या योजना को सशक्तिकरण की दिशा में जारी प्रयासों के रूप में रेखांकित किया गया।

वक्ताओं ने साझा किए अनुभव और कानूनी जानकारी

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आई वक्ताओं ने अलग-अलग आयामों पर अपने विचार रखे। डॉ. शम्पा चौबे ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की शुरुआत मानसिक शक्ति से होती है और आत्मविश्वास इसमें केंद्रीय भूमिका निभाता है।

शिक्षिका रंजीता साहू ने वनांचल और दूरस्थ इलाकों में शिक्षा के प्रसार से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि 162 स्कूलों में स्मार्ट टीवी के माध्यम से आधुनिक शिक्षा की पहल की गई है, जिससे बच्चों तक डिजिटल माध्यम से पढ़ाई पहुंचाने में मदद मिली।

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नेहा यादव ने अपनी उपलब्धियों का श्रेय अपनी मां को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनकी मां ने अकेले पालन-पोषण कर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। डॉ. प्रीति सतपथी ने मंच से महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों और अधिकारों की जानकारी दी, ताकि महिलाओं में कानूनी जागरूकता बढ़े।

सम्मान, विमोचन और फूलों की होली के साथ समापन

समारोह के दौरान विभिन्न जिलों से आई कई महिलाओं को सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर जीएसटी विषय से संबंधित एक ई-बुक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन सोनालिका शुक्ला ने किया।

समापन सत्र रंग पंचमी की भावना के साथ आयोजित हुआ, जहां उपस्थित महिलाओं ने फूलों की होली खेलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से क्विज प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।