रायपुर रेलवे स्टेशन छत्तीसगढ़ का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन माना जाता है, जहां हर दिन हजारों यात्री सफर के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों और छुट्टियों के समय यहां यात्रियों की भीड़ कई गुना बढ़ जाती है, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बन जाता है। इसी समस्या को देखते हुए अब स्टेशन को पूरी तरह आधुनिक और हाईटेक बनाने का काम तेजी से चल रहा है।
नई बिल्डिंग के तैयार होने के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधा और सुरक्षा मिलने वाली है। स्टेशन परिसर में हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए अत्याधुनिक कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके और यात्रियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
AI तकनीक से होगी भीड़ और गतिविधियों की निगरानी
रायपुर रेलवे स्टेशन की नई इमारत में बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें कई कैमरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लैस होंगे। यह तकनीक सामान्य कैमरों से अलग काम करती है और खुद ही स्थिति को समझने की क्षमता रखती है।
स्टेशन के प्लेटफॉर्म, प्रवेश और निकास द्वार, फुटओवर ब्रिज और प्रतीक्षालय जैसे सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे। जैसे ही किसी स्थान पर तय सीमा से ज्यादा भीड़ जमा होगी, कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिलेगा। इसी तरह अगर कोई संदिग्ध सामान लंबे समय तक बिना किसी व्यक्ति के पड़ा रहता है तो उसकी भी तुरंत सूचना मिलेगी, जिससे सुरक्षा दल तुरंत जांच कर सकेगा।
कंट्रोल रूम से होगी पूरे स्टेशन की निगरानी
नई इमारत में एक आधुनिक कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है, जहां से पूरे स्टेशन परिसर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। यहां तैनात अधिकारी सभी कैमरों की लाइव फीड देख सकेंगे और स्थिति के अनुसार तुरंत निर्णय ले सकेंगे।
यदि कहीं भी भीड़ बढ़ती है या किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो सुरक्षा कर्मियों को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा। इससे यात्रियों की आवाजाही सुचारू रहेगी और आपात स्थिति में समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी।
अधिकारियों का कहना है कि अभी स्टेशन पर कैमरों की संख्या सीमित है, लेकिन नई व्यवस्था के बाद सुरक्षा निगरानी कई गुना मजबूत हो जाएगी और हर कोने पर नजर रखी जा सकेगी।
यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित और आरामदायक सफर
नई सुरक्षा व्यवस्था का सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। अक्सर भीड़ के कारण प्लेटफॉर्म पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन जाती है, लेकिन AI तकनीक की मदद से भीड़ को समय रहते नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म और प्रवेश द्वार पर कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
साथ ही, चोरी या संदिग्ध गतिविधियों पर भी अंकुश लगेगा, क्योंकि हर गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड होगी। इससे यात्रियों को मानसिक रूप से भी सुरक्षा का एहसास मिलेगा और यात्रा अनुभव बेहतर होगा।
छत्तीसगढ़ के अन्य स्टेशनों पर भी लागू होगी व्यवस्था
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रायपुर रेलवे स्टेशन को एक मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां नई तकनीक के सफल उपयोग के बाद छत्तीसगढ़ के अन्य बड़े और व्यस्त स्टेशनों पर भी इसी तरह की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।
भविष्य में रेलवे स्टेशनों पर फेस रिकग्निशन, स्मार्ट अनाउंसमेंट और स्वचालित भीड़ नियंत्रण जैसी तकनीकों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, जिससे यात्रियों को और अधिक सुविधाएं मिलेंगी।





