रायपुर के लिए आज का दिन अत्यंत दुखद रहा, क्योंकि शहर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थीं और पिछले कुछ महीनों से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। उनके निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। रजनी ताई ने अपने साहस, समर्पण और समाज सेवा से रायपुर की राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी।
रजनी ताई उपासने ने 1978 में रायपुर की पहली महिला विधायक बनकर इतिहास रचा था। उन्होंने उस समय कांग्रेस के एक कद्दावर नेता को हराकर यह उपलब्धि हासिल की थी। तब महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सीमित थी, लेकिन रजनी ताई ने अपने जुझारू स्वभाव और नेतृत्व क्षमता से न केवल राजनीति में अपनी जगह बनाई, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया।
सामाजिक योगदान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
रजनी ताई भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सच्चिदानंद उपासने की माता थीं। उनका जीवन जनसेवा और समाज हित के लिए समर्पित रहा। वे अपने सरल स्वभाव और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जानी जाती थीं। विधायक के रूप में उन्होंने महिलाओं के अधिकार, शिक्षा और सामाजिक उत्थान से जुड़ी योजनाओं में सक्रिय योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
आपातकाल में दिखाया था साहस
1975-77 के आपातकाल के दौरान रजनी ताई ने अदम्य साहस का परिचय दिया। जब रायपुर के कलेक्टर ने उन पर देश-विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया और उनका घर सील करने की धमकी दी, तो रजनी ताई ने निर्भीकता से जवाब दिया, “मेरे बेटे पहले से जेल में हैं, मुझे भी ले चलो, कोई फर्क नहीं पड़ता।” उनका यह जवाब उनके दृढ़ निश्चय और साहस का प्रतीक है, जो आज भी प्रेरणा देता है।





