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छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, 9 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, पुलिस के सामने किया सरेंडर

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
छत्तीसगढ़ के जिला गरियाबंद में सोमवार, 19 जनवरी 2026 को करीब 9 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर पुलिस के सामने सरेंडर किया है। जिसमें सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 6 महिला और 9 पुरुष शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, 9 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, पुलिस के सामने किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक ओर जहां जवानों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में 6 नक्सली मारे गए तो वहीं दूसरी ओर गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी है। सोमवार, 19 जनवरी 2026 को गरियाबंद में करीब 9 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर पुलिस के सामने सरेंडर किया है। जिसमें सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 6 महिला और 3 पुरुष शामिल हैं।

बता दें कि सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों में डीवीसी सदस्य बलदेव और अंजू भी शामिल हैं। इन दोनों पर ₹8-₹8 लाख का इनाम घोषित किया गया था। वहीं सभी 9 नक्सलियों पर ₹45 लाख का इनाम घोषित था। सरेंडर नक्सली ओडिशा बॉर्डर पर सक्रिय थे। सभी नक्सलियों ने 3 AK 47, 2 एसएलआर और अन्य हथियार के साथ समर्पण किया है।

बता दें कि सरेंडर करने वाले माओवादी गरियाबंद और ओडिशा के बार्डर एरिया में एक्टिव थे। सरेंडर नक्सली अंजू और बलदेव के परिजनों ने भी 2 दिन पहले उनसे सरेंडर की अपील की थी। एक और महिला नक्सली उषा भी इलाके में सक्रिय है, जिसके सरेंडर के लिए पुलिस लगातार कोशिश कर रही है।

नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी

जानकारी अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11 बजे सभी नक्सली एक गाड़ी में सवार होकर सरेंडर करने के लिए जिला मुख्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने आईजी अमरेश मिश्रा के सामने सरेंडर किया। आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि फिलहाल गरियाबंद जिले को औपचारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित नहीं किया जा सकता। नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबल के जवानों का अभियान जारी है।