जमीन अधिग्रहण पर भड़का सूरजपुर, पुलिस पर बरसे पत्थर, DSP समेत 31 जवान घायल

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के मदननगर-धरमपुर गांव में भूमि अधिग्रहण विवाद अब गंभीर कानून-व्यवस्था की चुनौती बन गया है। सर्वे टीम को बंधक बनाए जाने के मामले में कार्रवाई करने पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया।
सूरजपुर भूमि अधिग्रहण विवाद हिंसक, ग्रामीणों के पथराव में DSP समेत 31 पुलिसकर्मी घायल

भूमि अधिग्रहण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब हिंसक टकराव में बदल गया है। शुक्रवार को पुलिस जब पहले दर्ज मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने धरमपुर पहुंची, तब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया।

कुछ ही देर में हालात बेकाबू हो गए और पुलिस पर जमकर पथराव हुआ। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है और प्रशासन लगातार स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहा है।

कई पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पथराव इतना तेज था कि कई पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को प्रतापपुर, सूरजपुर और अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ जवानों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

भूमि अधिग्रहण विवाद की जड़ क्या है?

ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला। उनका कहना है कि सिर्फ आर्थिक मुआवजा उनकी आजीविका की भरपाई नहीं कर सकता, इसलिए वे जमीन के बदले जमीन की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मुद्दे पर कई बार प्रशासन से बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। इसी वजह से गांव में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई थी।

कुछ दिन पहले जब सरकारी सर्वे टीम इलाके में पहुंची थी, तब भी ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए टीम को रोक लिया था। इसी मामले में पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई थी। शुक्रवार को आरोपियों को पकड़ने पहुंची पुलिस का ग्रामीणों ने विरोध किया और देखते ही देखते हालात हिंसक हो गए। घटना के दौरान अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर पेड़ गिराकर रास्ता भी बंद कर दिया गया, जिससे यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा। बताया गया कि एंबुलेंस को भी कुछ समय के लिए आगे नहीं जाने दिया गया, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

प्रशासन की कार्रवाई और आगे की चुनौती

घटना के बाद सूरजपुर के अलावा आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। मदननगर-धरमपुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है, लेकिन साथ ही बातचीत के जरिए विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश भी जारी रहेगी।

भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में विशेषज्ञों का मानना है कि अगर प्रभावित लोगों को समय पर पूरी जानकारी, पारदर्शी मुआवजा और उनकी चिंताओं का समाधान नहीं मिलता, तो ऐसे विवाद तेजी से बढ़ सकते हैं। इसलिए प्रशासन के लिए सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था संभालना ही नहीं, बल्कि भरोसा कायम करना भी उतना ही जरूरी है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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