छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार कर रही है। रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय डेंटल कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दंत चिकित्सा उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और डेंटल एसोसिएशन की वार्षिक स्मारिका का विमोचन किया। सीएम ने बताया कि पिछले 20 महीनों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत कर दुर्गम क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाई गई हैं। पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और मदर-चाइल्ड हॉस्पिटल की स्थापना इसका प्रमाण है।
सीएम साय ने कहा कि वर्ष 2000 में जहां प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। आयुष्मान भारत और वय वंदना योजना के तहत मरीजों और बुजुर्गों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है, जबकि सस्ती जेनेरिक दवाइयां आम जनता को राहत दे रही हैं। उन्होंने पान मसाला, गुटखा और तंबाकू से बढ़ते मुंह के कैंसर के मामलों पर चिंता जताई और दंत चिकित्सकों से जनजागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने दंत चिकित्सकों की भूमिका को स्वस्थ और सुंदर मुस्कान के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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एम्स और छत्तीसगढ़ विजन 2047 की चर्चा
मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय कार्यकाल की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि 1999 में उन्होंने संसद में छत्तीसगढ़ के लिए एम्स की मांग उठाई थी, जिसे 2000 में राज्य गठन के बाद स्वीकृति मिली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘विजन 2047’ डॉक्यूमेंट तैयार किया है। प्रदेश का जीएसडीपी 5 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2047 तक 75 लाख करोड़ करने का लक्ष्य है। खनिज, वन संपदा और मेहनतकश जनता को प्रदेश की ताकत बताते हुए उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की उक्ति दोहराई।
जीएसटी सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
सीएम ने हाल ही में जीएसटी स्लैब को 5 और 18 प्रतिशत में एकरूप करने का उल्लेख किया, जिससे व्यापार और कृषि क्षेत्र को लाभ होगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर रहे हैं। बस्तर में 20 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति और सुकमा के चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को एनक्यूएएस सर्टिफिकेट मिलना सरकार के प्रयासों का प्रमाण है। सीएम ने कहा कि दंत चिकित्सकों की यह कॉन्फ्रेंस मुंह और दांतों की बीमारियों पर चर्चा के लिए नए रास्ते खोलेगी, क्योंकि मानव की मुस्कान सबसे कीमती है।