इस पंचायत का अनोखा फरमान, गांव में अगर किसी ने की चुगली तो लगेगा 5001 रुपये का जुर्माना, जानें ग्रामीणों ने क्यों लिया ये फैसला

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले स्थित मेढ़की गांव में ग्रामीणों ने एक अनोखा फैसला लिया है। गांव में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए अब किसी की चुगली करने या एक-दूसरे को भड़काने पर 5,001 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। यह निर्णय गुरुवार को आयोजित एक सामूहिक बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
इस पंचायत का अनोखा फरमान, गांव में अगर किसी ने की चुगली तो लगेगा 5001 रुपये का जुर्माना, जानें ग्रामीणों ने क्यों लिया ये फैसला

छत्तीसगढ़ के बालोद जिला मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर दूर स्थित मेढ़की गांव ने सामाजिक सौहार्द बिगड़ने से रोकने के लिए एक मिसाल पेश की है। गांव के लोगों ने आपसी मनमुटाव और कलह की जड़ ‘चुगलीबाजी’ पर लगाम लगाने का फैसला किया है। गुरुवार सुबह हुई एक अहम बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अगर कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे की बात इधर-उधर करके लोगों को भड़काने या लड़ाने की कोशिश करता पाया गया, तो उस पर 5,001 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

यह कठोर निर्णय गांव में बढ़ते छोटे-छोटे विवादों और आपसी वैमनस्य को खत्म करने के उद्देश्य से लिया गया है। ग्रामीणों का मानना है कि कई बार छोटी-छोटी बातें चुगली के कारण बड़ा रूप ले लेती हैं, जिससे गांव का माहौल खराब होता है।

क्यों पड़ी इस फैसले की जरूरत?

गांव में इस तरह के कड़े नियम बनाने के पीछे ठोस वजहें हैं। ग्राम पंचायत ओरमा मेढ़की की सरपंच मंजुलता परस साहू और गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि अक्सर लोग छोटी-छोटी बातों पर एक-दूसरे से उलझ जाते हैं। कुछ लोग नशा करके किसी के भी खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हैं और लोगों को आपस में लड़वा देते हैं।

“आपसी मनमुटाव, छोटी-छोटी बातों पर एक दूसरे से उलझ जाने और कुछ लोगों द्वारा नशा करके किसी के भी खिलाफ टिप्पणी करने से गांव का सौहार्द्र बिगड़ता है। इसी वजह से ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है।”- मंजुलता परस साहू (सरपंच) एवं वरिष्ठ नागरिक

इसी बैठक में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। यदि कोई भी व्यक्ति किसी सामाजिक या धार्मिक भोज में शराब पीकर शामिल होता है, तो उस पर भी 5,001 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

सर्वसम्मति से लिया गया ऐतिहासिक निर्णय

गुरुवार की सुबह 8 बजे मेढ़की गांव के सभी निवासियों ने एक सामूहिक बैठक बुलाई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इसी बैठक में यह तय किया गया कि चाहे सार्वजनिक रूप से हो या व्यक्तिगत रूप से, चुगली करने वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह नियम सभी ग्रामीणों पर समान रूप से लागू होगा।

नशे के खिलाफ भी उठा चुके हैं कड़े कदम

यह पहली बार नहीं है जब मेढ़की गांव के लोगों ने सामाजिक सुधार के लिए ऐसा कड़ा कदम उठाया है। लगभग 5 साल पहले, गांव में फैल रहे नशे के प्रचलन को रोकने के लिए भी ग्रामीणों ने एक अहम फैसला लिया था। उस समय गांव में अवैध रूप से शराब बेचने वालों पर 10,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इतना ही नहीं, शराब बेचने वाले की सूचना देने वाले को 1,000 रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की गई थी, ताकि इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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