मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा शहर में गुरुवार की दरमियानी रात अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब बुधवारी बाजार की एक दुकान से धुएं के गुबार उठने लगे। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
जिस दुकान में आग लगी, वह थी भारत रूई भंडार, जहां बड़ी मात्रा में रुई और अन्य सामान रखा था। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में दुकान का अधिकतर सामान जलकर खाक हो गया। रातभर राहत और बचाव का काम चलता रहा, लेकिन सुबह तक भी आग पूरी तरह काबू में नहीं आ सकी।
रुई के कारण आग पर काबू पाना बना चुनौती
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग देर रात अचानक भड़क उठी। शुरुआत में आसपास के लोगों ने खुद पानी और पाइप की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, ताकि आग आसपास की दुकानों और मकानों तक न पहुंचे।
लेकिन दुकान में बड़ी मात्रा में रखी रुई ने आग को और भड़का दिया। रुई जल्दी आग पकड़ लेती है और लंबे समय तक जलती रहती है, जिससे आग पर नियंत्रण करना बेहद मुश्किल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश अग्निशमन सेवा की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बताया जा रहा है कि सात फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घंटों तक आग बुझाने में जुटी रहीं, लेकिन आग पूरी तरह काबू में नहीं आ सकी।
प्रशासन ने खाली कराई आसपास की दुकानें
आग की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने तुरंत आसपास की दुकानों और मकानों को खाली कराना शुरू किया। समय रहते लोगों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए। राहत और बचाव कार्य की निगरानी खुद अधिकारी कर रहे थे।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों में सुधीर जैन, अजय राणा और भारती जाट समेत पुलिस और नगर निगम की टीम शामिल रही। प्रशासन ने पूरी रात मौके पर रहकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
लाखों के नुकसान की आशंका
दुकान में रखी रुई, कपड़े और अन्य सामान पूरी तरह जल चुके हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, हालांकि सही आंकड़ा जांच के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। संभावना जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण से आग लगी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस और प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि आग कैसे लगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है।
स्थानीय व्यापारियों और लोगों में दहशत
घटना के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में दहशत का माहौल रहा। देर रात तक लोग अपनी दुकानों और घरों के बाहर खड़े होकर हालात पर नजर बनाए रहे। कई व्यापारियों ने बताया कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास की पूरी मार्केट आग की चपेट में आ सकती थी। बाजार में अधिकतर दुकानें कपड़े, प्लास्टिक और ज्वलनशील सामान की हैं, जिससे बड़ा नुकसान हो सकता था। स्थानीय लोगों ने राहत टीमों और फायर ब्रिगेड के प्रयासों की सराहना भी की, जिन्होंने रातभर मेहनत कर आग को फैलने से रोका।





