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सड़क पर मौत बनकर लटका चाइनीज मांझा, छिंदवाड़ा में युवक गंभीर घायल

Written by:Bhawna Choubey
Published:
छिंदवाड़ा में एक बार फिर प्रतिबंधित चाइनीज मांझा जानलेवा साबित हुआ। गुरैया बायपास पर बाइक सवार युवक का गला बुरी तरह कट गया, वह सड़क पर गिर पड़ा। पसली और कंधा टूटे, ICU में जिंदगी की जंग जारी।
सड़क पर मौत बनकर लटका चाइनीज मांझा, छिंदवाड़ा में युवक गंभीर घायल

छिंदवाड़ा जिले में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से जुड़ी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। सोमवार शाम गुरैया बायपास क्षेत्र में एक बाइक सवार युवक चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक अपने पिता को लेने के लिए बाइक से निकला था। इसी दौरान सड़क के ऊपर लटका नायलॉन का मांझा उसकी गर्दन में उलझ गया, जिससे वह संतुलन खो बैठा और सड़क पर गिर पड़ा।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल युवक का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस और अस्पताल स्तर पर मामले की पुष्टि और अन्य विवरण जुटाए जा रहे हैं।

गर्दन में फंसते ही हुआ हादसा, गिरने से शरीर में आई गंभीर चोटें

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मांझा बहुत पतला होने के कारण दिखाई नहीं दिया। जैसे ही बाइक आगे बढ़ी, मांझा युवक की गर्दन में उलझ गया। अचानक हुए झटके से युवक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़ा। गिरने के कारण उसके कंधे और सीने के हिस्से में भी चोट आई।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, युवक की गर्दन पर गहरी चोट है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे आईसीयू में रखा गया है। मेडिकल जांच और आगे की प्रक्रिया डॉक्टरों की सलाह के अनुसार की जा रही है।

हाल के दिनों में सामने आए ऐसे कई मामले

छिंदवाड़ा में यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते दिनों शहर में चाइनीज मांझे से गंभीर रूप से घायल होने के अन्य मामले भी रिपोर्ट हो चुके हैं। कुछ समय पहले एक व्यापारी का गला मांझे से बुरी तरह कट गया था, जिन्हें लंबे इलाज और सर्जरी से गुजरना पड़ा। इसके अलावा एक बच्चे के कान में भी गंभीर चोट लगने की घटना सामने आई थी। इन घटनाओं ने शहर में चाइनीज मांझे के खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर बायपास, खुली सड़कों और रिहायशी इलाकों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है।

प्रतिबंध के बावजूद बाजार में मौजूद चाइनीज मांझा

चाइनीज मांझा, जिसे नायलॉन या सिंथेटिक मांझा भी कहा जाता है, पर्यावरण और जनसुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक माना जाता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वर्ष 2017 में इस तरह के मांझे पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कई शहरों में यह चोरी-छिपे बिकता हुआ पाया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि त्योहारों और पतंगबाजी के मौसम में इसकी बिक्री बढ़ जाती है। कभी-कभार कार्रवाई होती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। इसका सीधा असर सड़क पर चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों पर पड़ रहा है।

सड़क पर चलना बनता जा रहा है जोखिम भरा

छिंदवाड़ा की सड़कों पर अब केवल ट्रैफिक ही नहीं, बल्कि हवा में लटकते मांझे का खतरा भी बना हुआ है। बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग सबसे ज्यादा इसकी चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि चाइनीज मांझे से होने वाली चोटें सामान्य नहीं होतीं और कई बार जान के लिए भी खतरा बन सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्दन, चेहरे और आंखों पर लगने वाली चोटें ज्यादा गंभीर साबित होती हैं और इनमें तत्काल चिकित्सा जरूरी होती है।

प्रशासनिक सख्ती की जरूरत पर उठ रहे सवाल

लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि जब चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के निर्देश मौजूद हैं, तो इसकी बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है। नागरिकों की मांग है कि सिर्फ छापेमारी तक सीमित न रहकर सप्लाई चेन पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।